कुनकुरी, 15 मई 2025 | विशेष – सागर जोशी संपादक
“ईश्वर की सेवा, समाज के प्रति समर्पण और मानवता के प्रति अटूट विश्वास—इन तीन स्तंभों पर खड़े एक सच्चे पुरोहित की आध्यात्मिक यात्रा का 25 वर्ष पूर्ण होना सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि अनगिनत प्रार्थनाओं, आत्मबलिदानों और करुणा से भरे दिनों का जीवंत दस्तावेज़ है।” ऐसी ही समर्पणपूर्ण यात्रा के रजत पड़ाव पर, ग्राम जड़ामाल-बांसाझाल ने गर्व के साथ अपने लाल फ़ादर प्रफुल बड़ा का अभिनंदन किया। 25 वर्षों से ईश्वरीय सेवा में रत इस पुरोहित के लिए यह दिन न केवल सम्मान का था, बल्कि पूरे समुदाय के लिए आस्था, प्रेरणा और कृतज्ञता का पर्व बन गया।
फ़ादर प्रफुल बड़ा के पुरोहिताई जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती उत्सव का आयोजन अपने गृह ग्राम जड़ामाल- बांसाझाल में किया गया। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न किए गए एवं जुबिलेरियान फ़ादर को बधाई दी गई है। इस कार्यक्रम में जलपाईगुड़ी धर्म प्रांत के सेवानिवृत्त बिशप केलेमेंट तिर्की, जशपुर धर्मप्रांत के विकार जेनेरल फ़ादर मुक्ति प्रकाश मिंज, अल्बर्टस कॉलेज के फादर अजय खलखो, अन्य पुरोहितगण, धर्म बहनें, अतिथि, ग्रामवासी सम्मिलित हुए ।
इस जुबली अवसर पर अपने संदेश में फ़ादर प्रफुल बड़ा ने. कहा माता के गर्भ में रचने के पहने से हर इंसान के लिए योजना बना कर रखता है। मेरे लिए ईश्वर पुरोहित बनने हेतु सुनिश्चित किया था, मैनें ईश्वर की पुकार सुनकर ईश्वर तथा लोगों की सेवा करते हुए पच्चीस वर्ष पूर्ण कर लिया है।य़ह मेरे लिए गर्व का विषय है, विभिन्न परिस्थितियों के बावजूद विगत पच्चीस वर्षों से पुरोहिताई जीवन जीने हेतु साथ दिया है। प्रभु की कृपा और अनुग्रह से य़ह संभव हो सका है। ईश्वर सहित जो भी शुभ चिंतक व प्रियज़न सभी का आभार प्रकट करता हूं।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मिस्सा पूजा संपन्न की गई। जिसकी शुरुआत ग्रामवासियों के प्रवेश नृत्य से हुई। तत्पश्चात जुबिलेरिअन फ़ादर प्रफुल बड़ा और अतिथियों द्वारा पच्चीस मोमबत्तियों को जलाया गया. फ़ादर बड़ा का संक्षिप्त परिचय उनकी बहन श्रीमती मंजू एक्का द्वारा प्रस्तुत किया गया. परिचय में उन्होंने कहा फ़ादर प्रफुल बड़ा के पिता स्वर्गीय रोबर्ट बड़ा एवं माता स्वर्गीय जोसेफा बड़ा की पांचवी चौथी और छह बहनों में एकमात्र पुत्र है। जिनका जन्म छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा चालडीह, लवाकेरा और हाई स्कूल पढ़ाई लोयोला कुनकुरी तथा उच्च शिक्षा नागपुर, शिलांग, पुणे, वाराणसी से प्राप्त की। उन्होंने धर्म समाज की शिक्षा दीक्षा एवं अन्य ट्रेनिंग प्राप्त करने के पाश्चात उनका पुरोहिताई अभिषेक सन 2000 में हुआ । उन्होंने अपनी सेवाएं , खरसिया, पुणे, घोलेंगे, लोयोला कॉलेज, बिशप हाउस, कुनकुरी, फरसाकानी, लड़ेग में दी है। वर्तमान मे संत अल्बर्ट कॉलेज रांची में प्रोफेसर की सेवा दे रहे हैं. फ़ादर प्रफुल में मानव सेवा एवं ईश्वर प्रेम कूट-कूट के भरा है वह बहुत ही मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव के हैं ।
मिस्सा पूजा का अनुष्ठान फ़ादर प्रफुल बड़ा के कर कमलों से संपन्न हुआ। बाइबल जुलूस नृत्य खरसिया चढ़ावा नृत्य व विसर्जन नृत्य, ग्रामवासी द्वारा संपन्न हुआ । बाइबल पठन प्रथम पाठ सुमन लकड़ा दूसरा पाठ अरुणा तथा सुसमाचार फादर जॉन कस्ता द्वारा पढ़ा गया । निवेदन प्रार्थना पठन खरसिया के बच्चों द्वारा किया गया । धार्मिक गीतों का संचालन अनूप एक्का की अगुवाई में खरसिया पल्ली एवं ग्रामवासियो के द्वारा किया गया । इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जिसके तहत स्वागत व बधाई गीत एवं नृत्य की प्रस्तुति दी गई है।

