शहीद राजीव पांडे महाविद्यालय, भाठागांव में आयोजित किया गया जागरूकता अभियान
विद्यार्थियों को दी गई साइबर एवं यातायात संबंधी जानकारी
सतर्क एंड जागरूक रहने का दिया गया संदेश
रायपुर : विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शहीद राजीव पांडे महाविद्यालय, भाठागांव, रायपुर में व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रीमती स्नेहिल साहू एवं एसीपी ट्रैफिक श्रीमती सीमा अहिरवार को उनके संबंधित विषयों पर व्याख्यान देने हेतु आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या, अन्य व्याख्याताओं सहित कुल 125 विद्यार्थीगण उपस्थित थे।दोनों अधिकारियों ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करते हुए सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रीमती स्नेहिल साहू द्वारा साइबर सुरक्षा पर व्याख्यान
श्रीमती स्नेहिल साहू ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, ऑनलाइन धोखाधड़ी एवं उनसे बचाव के उपायों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी फोन कॉल, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी एवं संदिग्ध लिंक के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी के प्रति सतर्क रहने की समझाइश दी।
विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग विवरण, ओटीपी एवं अन्य गोपनीय जानकारियाँ किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
सोशल मीडिया एवं इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित किया गया।
कोई भी साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 में कॉल करने एवं साइबरक्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) में रिपोर्ट करने बताया गया।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहकर स्वयं सुरक्षित रहने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
एसीपी ट्रैफिक श्रीमती सीमा अहिरवार द्वारा यातायात जागरूकता पर व्याख्यान
श्रीमती सीमा अहिरवार ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
उन्होंने राहवीर योजना एवं गुड सेमेरिटन योजना की जानकारी देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया तथा बताया कि दुर्घटना पीड़ितों की समय पर सहायता करना किसी का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
QRT एवं QR कोड के संबंध में जानकारी देते हुए इनके उपयोग एवं यातायात व्यवस्था में महत्त्व को समझाया।
उन्होंने हेलमेट की अनिवार्यता, सीट बेल्ट के उपयोग एवं वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने पर विशेष जोर दिया।
सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि यातायात नियमों की अनदेखी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है।
उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना कोई विकल्प नहीं, बल्कि स्वयं की एवं दूसरों की सुरक्षा के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल सड़कों की चौड़ाई बढ़ाने से यातायात संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता, अनुशासन एवं नियमों का पालन करने की भावना विकसित होना आवश्यक है।
वाहन चलाते समय अनावश्यक जल्दबाजी से बचने, धैर्य बनाए रखने तथा सड़क पर अनुशासित व्यवहार अपनाने की अपील की गई।
उन्होंने युवाओं को स्वयं यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
सुरक्षित समाज के निर्माण का संदेश :- कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा एवं यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधों से बचाव एवं सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जागरूकता, सतर्कता और जिम्मेदार व्यवहार अत्यंत आवश्यक हैं।
साइबर सुरक्षा एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने में पुलिस के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

