नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला! भाटापारा POCSO कोर्ट ने आरोपी ओमकार यादव को सुनाई 20 साल की कठोर कैद, साक्ष्यों और पुलिस की विवेचना के बाद दोषसिद्धि—₹1,100 का अर्थदंड भी लगाया

नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला! भाटापारा POCSO कोर्ट ने आरोपी ओमकार यादव को सुनाई 20 साल की कठोर कैद, साक्ष्यों और पुलिस की विवेचना के बाद दोषसिद्धि—₹1,100 का अर्थदंड भी लगाया

नाबालिग बालिका के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा सुनाई गई 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा

माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (POCSO) भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल द्वारा पारित किया गया दण्डादेश

बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा की गई सूक्ष्म एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना के परिणामस्वरूप आरोपी को मिला कड़ा कानूनी दंड

महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की प्रभावी पैरवी से न्याय सुनिश्चित

बलौदाबाजार-भाटापारा : बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने तथा आरोपियों को सख्त सजा दिलाने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना सिमगा क्षेत्र अंतर्गत नाबालिग बालिका के अपहरण एवं गंभीर लैंगिक अपराध के प्रकरण में पुलिस की विवेचना और न्यायालय में प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों के आधार पर माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (POCSO), भाटापारा द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी को दोषसिद्ध करार दिया गया है।

पुलिस विवेचना एवं कार्यवाही का संक्षिप्त विवरण:

1. प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) एवं पंजीयन :- दिनांक 14.07.2025 को प्रार्थिया (पीड़िता की माता) ने थाना सिमगा में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी नाबालिग पुत्री बिना बताए कहीं चली गई है। मामले को संज्ञान में लेते हुए थाना सिमगा में अपराध क्र. 376/2025, धारा 137(2) BNS के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।

2. तकनीकी साक्ष्य व दस्तयाबी :- विवेचना अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक विष्णु टंडन द्वारा मुखबिर सूचना एवं तकनीकी सहायता के आधार पर दिनांक 07.11.2025 को अपहृता/पीड़िता को संदेही ओमकार यादव के कब्जे से ग्राम सरोरा जिला.रायपुर से सुरक्षित बरामद किया गया।

3. कथन एवं धाराओं का विस्तार :- पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी के समक्ष कथन कराया गया तथा मुलाहिजा उपरांत प्रकरण में धारा 87, 64, 64(2)(m) BNS एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5(L)/6 का समावेश किया गया।

4. साक्ष्य संकलन एवं एफएसएल जांच :- विवेचना के दौरान पीड़िता की उम्र संबंधी प्राथमिक शाला का दाखिल-खारिज रजिस्टर विधिवत जप्त किया गया तथा प्रकरण से संबंधित आवश्यक भौतिक साक्ष्य परीक्षण हेतु राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) रायपुर भेजे गए।

5. अभियोग पत्र एवं न्यायालयीन परीक्षण :- संपूर्ण विवेचना उपरांत पुलिस द्वारा माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया तथा विचारण के दौरान महत्वपूर्ण गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों व विवेचक के विधिवत न्यायालयीन परीक्षण से अभियोजन पक्ष को मजबूती प्रदान की गई।

माननीय न्यायालय का निर्णय एवं सजा :- माननीय अपर सत्र न्यायाधीश (POCSO) भाटापारा सतीश कुमार जायसवाल द्वारा दिनांक 27.10.2026 को पारित निर्णय में पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को आधार बनाते हुए आरोपी को निम्नलिखित धाराओं में दोषी ठहराया गया है:

धारा 137(2) BNS: 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹100/- अर्थदंड।

धारा 87 BNS: 05 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500/- अर्थदंड।

धारा 5(L)/6 पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹500/- अर्थदंड।

(आरोपी पर अधिरोपित समस्त सजाएं साथ-साथ भुगताई जाएंगी।)

दण्डित आरोपी:- ओमकार यादव पिता बालाराम यादव, उम्र 20 वर्ष, निवासी सरोरा, थाना तिल्दा-नेवरा, जिला रायपुर (छ.ग.)

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