पोस्टर, रंगोली और लाइव स्केचिंग के पीछे छिपे हैं जिंदगी के गहरे संदेश! रायपुर मेडिकल कॉलेज के फाइन आर्ट्स उत्सव में छात्रों ने कला के जरिए मानसिक स्वास्थ्य, संवेदना और जीवन के सफर को किया जीवंत।

पोस्टर, रंगोली और लाइव स्केचिंग के पीछे छिपे हैं जिंदगी के गहरे संदेश! रायपुर मेडिकल कॉलेज के फाइन आर्ट्स उत्सव में छात्रों ने कला के जरिए मानसिक स्वास्थ्य, संवेदना और जीवन के सफर को किया जीवंत।

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर

मेडिकल कॉलेज रायपुर के वार्षिक उत्सव के अंतर्गत फाईन आर्ट्स कार्यक्रम “अद्वैत: छठा चरण(THE SIXTH STROKE)” में कला के जरिए दिया जागरूकता और जीवन का संदेश

‘स्टिग्मा टू स्ट्रेंथ’, ‘मगल मैजिक’ और ‘इटेर विताए’ थीम पर आधारित कलात्मक प्रस्तुतियों ने खींचा ध्यान

कैलीग्राफी, टैटू, पोस्टर, रंगोली, मेहंदी और लाइव स्केचिंग में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

रायपुर : पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में आयोजित वार्षिक उत्सव के फाईन आर्ट्स कार्यक्रम “अद्वैत: छठा चरण(THE SIXTH STROKE)” में चिकित्सा छात्रों ने कला, रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता को जोड़ते हुए आकर्षक पोस्टर एवं कलात्मक प्रस्तुतियां प्रदर्शित कीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता, चिकित्सा शिक्षा की रचनात्मकता तथा जीवन के विभिन्न पड़ावों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। वहीं विद्यार्थियों ने कैलीग्राफी, टैटू, पोस्टर निर्माण, कुल्हड़ सज्जा, फेस पेंटिंग, रंगोली, लाइव स्केचिंग और मेहंदी जैसी कलाओं में भी बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया। ‘कल्पना की दीवार’ (Wall of Imagination) ने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के व्यस्त वातावरण से इतर (other) अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का बहुमुल्य अवसर दिया।

उत्सव के अंतर्गत ‘कॉर्पस क्रिएटिवम’ (Corpus Creativum) थीम पर आधारित प्रस्तुति में ‘स्टिग्मा टू स्ट्रेंथ’ के माध्यम से सामाजिक पूर्वाग्रहों को दूर करने और समझ एवं सहानुभूति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। पोस्टर में ‘सेम पीपल, सेम ड्रीम्स, जस्ट मोर अंडरस्टैंडिंग’ की अवधारणा के जरिए यह बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भेदभाव के बजाय सहयोग और समझ की आवश्यकता है। इसमें चिकित्सा विज्ञान की मदद से रूढ़ियों को चुनौती देने, चुप्पी तोड़ने तथा कला के माध्यम से लोगों को अपनी बात रखने का अवसर देने पर जोर दिया गया। इस प्रस्तुति के प्रभारी नवीन कुमार अनंत एवं देवहुति देवांगन रहे। इसमें वर्ष 2022, 2025 और 2026 के बैचों की सहभागिता दर्शाई गई।

इसी क्रम में ‘मगल मैजिक’ (Muggle Magic) थीम ने चिकित्सा शिक्षा और कल्पनाशील आर्ट्स का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। जे.के. रोलिंग की ‘हैरी पॉटर’ (Harry Potter) की कहानियों से प्रेरित काल्पनिक विचार  ‘हॉगवर्ट्स स्कूल ऑफ मेडिसिन’ की काल्पनिक अवधारणा पर आधारित इस प्रस्तुति में चिकित्सा विज्ञान से जुड़े प्रतीकों, पुस्तकों, सूक्ष्मदर्शी, मानव शरीर की संरचना और चिकित्सा ज्ञान को जादुई दुनिया की कलात्मक कल्पना के साथ जोड़ा गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने चिकित्सा विज्ञान की गंभीरता और रचनात्मक अभिव्यक्ति के बीच सुंदर सामंजस्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति के प्रभारी तेजेश बंजारे एवं संध्या देवांगन रहे। इसमें वर्ष 2022, 2025 और 2026 के बैच शामिल रहे।

वहीं, ‘नॉक्टर्न आर्ट्स’ (Nocturne Arts) की ‘इटेर विताए- द जर्नी ऑफ लाइफ’ (Iter Vitae- The Journey of Life) थीम ने जीवन के विभिन्न चरणों को कलात्मक रूप में उकेरा। इसमें जन्म से लेकर बचपन, किशोरावस्था, युवावस्था, पारिवारिक जीवन, बीमारी, वृद्धावस्था और मृत्यु तक के सफर को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया। प्रस्तुति का संदेश था कि जीवन का प्रत्येक चरण अपने अनुभवों, संघर्षों, सपनों और सीख के साथ महत्वपूर्ण है। प्रकृति, बदलते परिवेश और जीवन यात्रा के दृश्यों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जीवन के प्रति संवेदनशील और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। जीवन के सभी चरणों में चिकित्सा विज्ञान के महत्व को रेखांकित किया गया था।इस प्रस्तुति के प्रभारी अक्षत गोयल एवं विधि मित्तल रहे। इसमें वर्ष 2022, 2025 और 2026 के बैचों की सहभागिता रही।

वार्षिक उत्सव के अंतर्गत आयोजित इन कलात्मक प्रस्तुतियों में यह दर्शाया गया कि चिकित्सा विद्यार्थियों की प्रतिभा केवल चिकित्सा विज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि वे कला के माध्यम से सामाजिक संदेश देने, मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने और जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने में भी सक्षम हैं।

फाईन आर्ट्स कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय की पूर्व डीन डॉ.(प्रो.) आभा सिंह रहीं। कार्यक्रम का आयोजन चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन में अध्यक्ष के रूप में डॉ. हंसा बंजारा (ईएनटी विभाग) तथा सह-अध्यक्ष के रूप में डॉ. शुभ्रा ए. गुप्ता (पीएसएम विभाग) की भूमिका रही।

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