फेसबुक पर हुई पहचान, हर बैंक खाते के बदले मिलते थे ₹1,000! अम्बिकापुर पुलिस ने म्यूल अकाउंट के खेल का किया खुलासा, 14.17 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के लेन-देन से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार—अब अन्य सहयोगियों की तलाश

फेसबुक पर हुई पहचान, हर बैंक खाते के बदले मिलते थे ₹1,000! अम्बिकापुर पुलिस ने म्यूल अकाउंट के खेल का किया खुलासा, 14.17 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के लेन-देन से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार—अब अन्य सहयोगियों की तलाश

म्यूल एकाउंट के मामले में आरोपी गिरफ्तार।

थाना कोतवाली पुलिस टीम द्वारा साइबर फ्रॉड के मामलों में आरोपी के विरुद्ध की गई कार्यवाही।

आरोपी के पास से विभिन्न लोगों के नाम पर खुलवाए गए बैंक खातों और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मिले हैं साक्ष्य।

आरोपी के कब्जे से बैंक खाता की अस्पष्ट छायाप्रति की गई जप्त।

प्रकरण में संलिप्त अन्य मोबाइल धारक और सहयोगियों की तलाश जारी है।

म्यूल एकाउंट के मामलों में पुलिस टीम द्वारा की जा रही लगातार सख्त वैधानिक कार्यवाही।

अम्बिकापुर : भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल से प्राप्त सूची अनुसार फर्जी मोबाइल नम्बरों को जारी करने वाले पॉइंट ऑफ़ सेल्स एवं म्यूल अकाउंट खाता धारकों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही किये जाने के सम्बन्ध में पुलिस मुख्यालय रायपुर से दिशा-निर्देश प्राप्त हुए थे। इसी क्रम में दस्तावेजों के अवलोकन पर संबंधित म्यूल खाते के विरुद्ध साइबर पुलिस पोर्टल में विभिन्न राज्यों में ऑनलाइन शिकायत दर्ज होना तथा उक्त खाते में अवैध राशि छलपूर्वक प्राप्त करने हेतु सिम एवं बैंक खाते का उपयोग षड्यंत्रपूर्वक किया जाना पाया गया, जिस पर से थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 761/26, धारा 318(4), 317(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

दौरान विवेचना पुलिस टीम द्वारा खाता धारकों का कथन लेखबद्ध किया जाकर प्रकरण सदर के आरोपी सतीश कुमार भारती को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया जो आरोपी द्वारा अपना नाम सतीश कुमार भारती आत्मज स्व. त्रिलोकी राम उम्र 54 वर्ष साकिन द्वारिका नगर, लटोरी चौकी, जिला सूरजपुर का होना बताया। आरोपी से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उसने फेसबुक के जरिए एक व्यक्ति से परिचय होने पर प्रति खाता 1000 रुपये लेकर अन्य लोगों के नाम पर पंजाब नेशनल बैंक में फर्जी खाते खुलवाना और उन्हें मोबाइल नंबर से लिंक करवाना स्वीकार किया, जिनका उपयोग विभिन्न राज्यों के व्यक्तियों के साथ कुल 14,17,049 रुपये की ऑनलाइन ठगी के लेन-देन में किया गया था। आरोपी द्वारा खाता धारकों के मूल दस्तावेज पेश न कर अस्पष्ट छायाप्रतियाँ पेश करने पर साक्ष्य छिपाना पाए जाने से प्रकरण में धारा 238 बीएनएस जोड़ी गई तथा बैंक पासबुकों की छायाप्रतियाँ जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है, एवं प्रकरण में संलिप्त अन्य मोबाइल धारक और सहयोगियों की तलाश जारी है।

सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, साइबर सेल टीम एवं आरक्षक जोधन पैकरा सक्रिय रहे।

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