88 साल की उम्र में अपने ही बेटे की उपेक्षा से बेबस बुजुर्ग दंपति ने लगाई गुहार, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल कार्रवाई कर दिलाई राहत.

88 साल की उम्र में अपने ही बेटे की उपेक्षा से बेबस बुजुर्ग दंपति ने लगाई गुहार, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने तत्काल कार्रवाई कर दिलाई राहत.

वृद्ध माता-पिता का भरण-पोषण नहीं करने पर बेटे को थाने बुलाकर लगाई फटकार, कड़ी समझाइश देकर की गई वैधानिक कार्रवाई.

थाने में बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, मामले में आगे की कार्रवाई के लिए एसडीएम रायगढ़ को भेजा प्रतिवेदन.

माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के तहत कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन प्रेषित

रायगढ़ : वृद्धावस्था में अपनों के सहारे की आस लगाए 88 वर्षीय बुजुर्ग दंपति को जब अपने ही बेटे की उपेक्षा का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह से संरक्षण की गुहार लगाई। शिकायत पर पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बेटे को थाने बुलाकर कड़ी समझाइश दी और वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। थाने में बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अब वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण से जुड़े कानून के तहत आगे की कार्रवाई होगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के समक्ष गत 10 अक्टूबर को 88 वर्षीय सेवानिवृत्त लैब असिस्टेंट श्री बैजनाथ पटनायक एवं उनकी पत्नी श्रीमती साहेबानी पटनायक ने अपने इकलौते जीवित पुत्र खीरसागर पटनायक द्वारा उनकी तथा दिव्यांग बेटी की देखभाल नहीं किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। बुजुर्ग दंपति ने बताया कि उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। छोटे बेटे का निधन हो चुका है और उसकी पत्नी मायके में रहती हैं। वृद्धावस्था के कारण दोनों पति-पत्नी दैनिक कार्य स्वयं करने में असमर्थ हैं। उनका आरोप है कि पुत्र उन्हें भोजन-पानी और बीमारी की स्थिति में उचित उपचार उपलब्ध नहीं कराता तथा घर-जमीन के बंटवारे की मांग करते हुए उन्हें घर से निकल जाने के लिए विवाद करता है।

बुजुर्ग दंपति की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने थाना प्रभारी चक्रधरनगर को मामले में उचित वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश पर चक्रधरनगर पुलिस ने खीरसागर पटनायक को थाने बुलाया, जहां शिकायतकर्ता दंपति भी उपस्थित हुए। इसी दौरान श्रीमती साहेबानी पटनायक की तबीयत बिगड़ गई, जिस पर पुलिस ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उप निरीक्षक श्री गेंदलाल साहू, एएसआई आशिक रात्रे ने खीरसागर पटनायक को कड़ी समझाइश देते हुए माता-पिता के प्रति उनके नैतिक एवं कानूनी दायित्वों से अवगत कराया। पुलिस ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण से संबंधित अधिनियम, 2007 के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन एसडीएम रायगढ़ को प्रेषित किया है। अब संबंधित प्राधिकारी द्वारा दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। रायगढ़ पुलिस ने अपील की है कि परिवार के बुजुर्ग सदस्यों की देखभाल, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है तथा उनकी उपेक्षा की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश – “माता-पिता की सेवा और देखभाल करना प्रत्येक संतान का नैतिक दायित्व है। बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहें और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर दें। अपने दायित्वों की अनदेखी कर उन्हें असहाय और उपेक्षित जीवन जीने के लिए मजबूर न करें, माता-पिता के भरण-पोषण एवं संरक्षण के लिए कानून में प्रावधान है, शिकायत पर ऐसे तत्वों पर कार्रवाई होगी

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