कुनकुरी के सालियाटोली में 2 करोड़ 88 लाख की लागत से बन रहा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र
लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी निजात, कुनकुरी नगर सहित दर्जनों गांवों की विद्युत व्यवस्था होगी सुदृढ़
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए तेजी से किए जा रहे कार्य
जशपुर/कुनकुरी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न अधोसंरचनात्मक कार्यों को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में कुनकुरी क्षेत्र के सालियाटोली में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। लगभग 2 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस विद्युत उपकेंद्र को जनवरी 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इस विद्युत उपकेंद्र के निर्माण से कुनकुरी नगर सहित आसपास के दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उपकेंद्र के शुरू होने से क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी तथा बिजली की आपूर्ति को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीणों, किसानों, व्यापारियों और घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
क्षेत्र की लो वोल्टेज की समस्या दूर करने में मिलेगी मदद
क्षेत्र में बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं को देखते हुए सालियाटोली में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपकेंद्र के चालू होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति के बेहतर प्रबंधन, वोल्टेज में सुधार और स्थानीय बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
जिले में मजबूत हो रहा विद्युत नेटवर्क
जशपुर जिले में विद्युत अधोसंरचना के विस्तार के तहत बड़े विद्युत उपकेंद्रों और विभिन्न सब स्टेशनों के निर्माण एवं स्थापना से संबंधित कार्यों को भी महत्व दिया जा रहा है। जिले में 400/200 केवी क्षमता के बड़े विद्युत उपकेंद्र सहित विभिन्न विद्युत परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने से विद्युत नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। कुनकुरी के सालियाटोली में निर्माणाधीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूर्ण होने से कुनकुरी नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।विद्युत विभाग के अनुसार जनवरी 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसके चालू होने से स्थानीय विद्युत व्यवस्था को मजबूती मिलने और लो वोल्टेज की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।

