रेल संरक्षा और अधोसंरचना विकास में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की बड़ी उपलब्धि, झाराडीह समपार फाटक-316 पर आरओबी के बो-स्ट्रिंग गर्डर की सफल लॉन्चिंग; 1,410 मीटर ट्रैक टैम्पिंग समेत कई सुरक्षा कार्य निर्धारित समय में पूरे

रेल संरक्षा और अधोसंरचना विकास में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की बड़ी उपलब्धि, झाराडीह समपार फाटक-316 पर आरओबी के बो-स्ट्रिंग गर्डर की सफल लॉन्चिंग; 1,410 मीटर ट्रैक टैम्पिंग समेत कई सुरक्षा कार्य निर्धारित समय में पूरे

झाराडीह यार्ड में स्थित समपार फाटक संख्या-316 पर रोड ओवर ब्रिज निर्माण में महत्वपूर्ण उपलब्धि ।

आरओबी के बो–स्ट्रिंग गर्डर की सफल लांचिंग सहित महत्वपूर्ण संरक्षा कार्य सफलतापूर्वक संपन्न ।

बिलासपुर : यात्रियों को संरक्षित, सुगम एवं समयबद्ध रेल सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए अधोसंरचना विकास के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल के अंतर्गत झारसुगुड़ा–बिलासपुर मल्टीपल लाइन विद्युतीकृत सेक्शन के खरसिया छोर स्थित झाराडीह यार्ड में स्थित समपार संख्या 316 पर निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज (ROB) के कार्य में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त हुई है। इस परियोजना के तहत आधुनिक बो–स्ट्रिंग गर्डर की उच्च क्षमता वाली क्रेन मशीन की सहायता से सफलतापूर्वक लांचिंग की गई।

दिनांक 04 अक्टूबर 2026 को किमी 624/06–10 (समपार संख्या 316) पर आरओबी के बो-स्ट्रिंग स्टील गर्डर की क्रेन मशीन द्वारा लॉन्चिंग करने के लिये 2 घंटे 30 मिनट का पावर-कम-ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया। इसके अलावा इस कार्य के दौरान संरक्षा से संबन्धित अनेक ऐसे कार्य भी पूरे किए गए जिन्हें सामान्यतः ब्लॉक लेकर और गाड़ियों को रद्द करके ही पूरा किया जा सकता है। इस दौरान यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया और सभी कार्य बिना किसी अतिरिक्त गाड़ी को प्रभावित किए सम्पन्न किए गए। यह सब कार्य रेल प्रशासन द्वारा विस्तृत योजना एवं समुचित प्रबंधन के अंतर्गत किया गया है।

ब्लॉक के दौरान निम्नलिखित संरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य सफलतापूर्वक पूरे किए गए—

खरसिया स्टेशन में 2 नग TWS का इन्सर्शन।

खरसिया  स्टेशन में 2 नग TWSEJ का इन्सर्शन।

बाराद्वार स्टेशन में 1 नग WCMS का इन्सर्शन।

आरओबी पर 2 नग पॉइंट्स की टैम्पिंग।

ड्यूमेटिक मशीन द्वारा 1,410 मीटर ट्रैक की टैम्पिंग।

मंडल रेल प्रशासन के अभियांत्रिकी, सिग्नल एवं दूरसंचार, टीआरडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, पर्यवेक्षको एवं कर्मचारियों के आपसी समन्वय एवं टीम भावना से लॉन्चिंग सहित विभिन्न महत्वपूर्ण संरक्षा कार्यों को निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए सफलतापूर्वक एवं निर्धारित समयावधि में संपन्न किया गया। आरओबी निर्माण से संबंधित इस महत्वपूर्ण कार्य के पूर्ण होने से सड़क यातायात एवं रेल परिचालन की सुरक्षा और सुगमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। विभिन्न तकनीकी एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों से यार्ड की परिचालन क्षमता में वृद्धि होने के साथ-साथ ट्रैक की मजबूती, स्थायित्व एवं संरक्षा भी और अधिक सुदृढ़ होगी। साथ ही, सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

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