जशपुर के नन्हे सितारों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक, जिला स्तरीय प्रतियोगिता के 33 विजेता विद्यार्थी हुए सम्मानित; 5587 बच्चों ने दिखाया भाषा और रचनात्मक कौशल

जशपुर के नन्हे सितारों ने बिखेरी प्रतिभा की चमक, जिला स्तरीय प्रतियोगिता के 33 विजेता विद्यार्थी हुए सम्मानित; 5587 बच्चों ने दिखाया भाषा और रचनात्मक कौशल

नन्हे सितारों की प्रतिभा को मिला सम्मान, जिला स्तरीय प्रतियोगिता के 33 विजेता पुरस्कृत

कहानी, कविता, स्पेलिंग बी और स्पोकन इंग्लिश में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव के लिए फंडामेंटल न्यूमेरेसी, लर्निंग और रीडिंग स्किल्स जरूरी: जिला पंचायत सीईओ

जशपुर : जिला प्रशासन और ओपन लिक्स फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों में भाषा कौशल विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित नन्हे सितारे कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय प्रतियोगिता के 33 विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। नवीन सामुदायिक भवन में आयोजित पुरस्कार समारोह में विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया। नन्हे सितारे कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ब्लॉक स्तर से लेकर जिला स्तर तक कविता प्रस्तुति, कहानी वाचन, स्पोकन इंग्लिश और स्पेलिंग बी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विकासखंडों में आयोजित प्रतियोगताओं में 1036 स्कूलों के 5587 विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में कहानी वाचन, कविता वाचन, स्पेलिंग बी और स्पोकन इंग्लिश चार विधाओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।

 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करने में अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास को निखारने के लिए शैक्षणिक गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्पेलिंग, कहानी और कविता जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों के भाषा कौशल, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति को मजबूत करने में प्रभावी भूमिका निभाती हैं। प्रारंभिक स्तर पर बच्चों में फंडामेंटल न्यूमेरेसी, लर्निंग और रीडिंग स्किल्स विकसित करना बेहद जरूरी है। यही बुनियादी कौशल आगे चलकर बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

 उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसी भवन की मजबूती उसकी नींव पर निर्भर करती है, उसी प्रकार बच्चों की शैक्षणिक सफलता भी मजबूत बुनियादी कौशल पर निर्भर करती है। नन्हे सितारे कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिसके माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, उसे मंच देने और आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नियमित पढ़ाई और पाठ्यक्रम के साथ अपनी रुचि लेकर बच्चों को अतिरिक्त शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के लिए तैयार करना सराहनीय है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों के साथ अभिभावकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

 जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि घर बच्चे की पहली पाठशाला और माता-पिता उसके प्रथम शिक्षक होते हैं। इसलिए बच्चों की प्रतिभा को पहचानने, उसे निखारने और सही दिशा देने में अभिभावकों की जागरूकता आवश्यक है। शिक्षकों और अभिभावकों के समन्वित प्रयासों से बच्चों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्री नरेन्द्र सिन्हा, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद गुप्ता, ओपन लिंक फाउंडेशन के हेमंत साहू और शिक्षक, विद्यार्थियों के अभिभावक सहित अन्य उपस्थित रहे।

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