ई-साक्ष्य से सशक्त होगी पुलिस विवेचना, जशपुर पुलिस की पांच दिवसीय कार्यशाला संपन्न.
पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा जिले के पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को ई-साक्ष्य एप के संचालन एवं डिजिटल साक्ष्य संकलन को लेकर दिया गया ऑनलाइन प्रशिक्षण.
प्रति दिवस प्रशिक्षण समाप्ति के पश्चात डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों से किया सीधा संवाद.
पुलिस कप्तान ने 950 से अधिक पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों से संवाद कर आधुनिक पुलिसिंग, नवीन कानूनों के क्रियान्वयन, सीसीटीएनएस एवं ई-साक्ष्य सहित डिजिटल कार्यवाही में अपडेट रहने के दिए निर्देश.
साइबर अपराध के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने, हेलमेट जागरूकता एवं पुलिस मितान के माध्यम से कम्यूनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर दिया गया जोर.
पुलिस कर्मियों को नशापान से दूर रहते हुए समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता लाने के दिए निर्देश.
जशपुर : जशपुर पुलिस ने आधुनिक तकनीक के साथ पुलिस विवेचना को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पांच दिवसीय ई-साक्ष्य कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन, सुरक्षित रिकॉर्डिंग और विवेचना में प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने 950 से अधिक पुलिसकर्मियों से सीधा संवाद कर नवीन कानून, सीसीटीएनएस, साइबर अपराध, यातायात जागरूकता और कम्यूनिटी पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया।
पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने तथा पुलिस विवेचना को अधिक साक्ष्य आधारित एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ई-साक्ष्य एप के संबंध में जशपुर पुलिस द्वारा पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा ई-साक्ष्य एप के माध्यम से डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन तथा उनके सुरक्षित रिकॉर्डिंग को लेकर पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर पुलिस द्वारा दिनांक 15.09.2026 से 19.09.2026 तक जिला पंचायत जशपुर के सभागार में पांच दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

ई-साक्ष्य एप के संचालन एवं डिजिटल साक्ष्य संकलन का दिया गया प्रशिक्षण –
पांच दिवसीय कार्यशाला के दौरान जिले के पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा ऑनलाइन माध्यम से ई-साक्ष्य एप के संचालन, डिजिटल साक्ष्य संकलन एवं उसके प्रभावी उपयोग के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को विवेचना के दौरान प्राप्त होने वाले डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संकलित करने, सुरक्षित रखने तथा आवश्यकतानुसार विवेचना में उनका प्रभावी उपयोग करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
पुलिसिंग में तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए डिजिटल साक्ष्यों के व्यवस्थित संकलन एवं सुरक्षित रिकॉर्डिंग के माध्यम से विवेचना को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं साक्ष्य आधारित बनाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
क्या है ई-साक्ष्य एप ?
ई-साक्ष्य एप पुलिस विवेचना के दौरान डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के संकलन एवं सुरक्षित रिकॉर्डिंग में सहायक डिजिटल माध्यम है। इसके माध्यम से घटना-स्थल एवं विवेचना से संबंधित फोटो, वीडियो तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संकलित एवं सुरक्षित किया जा सकता है।
वर्तमान समय में अपराध की बदलती प्रकृति एवं तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए डिजिटल साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ई-साक्ष्य एप के माध्यम से डिजिटल साक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से संकलित एवं सुरक्षित कर विवेचना में उनका प्रभावी उपयोग किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के बाद डीआईजी एवं एसएसपी ने 950 से अधिक पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों से किया सीधा संवाद –
कार्यशाला के दौरान प्रत्येक दिवस के प्रशिक्षण की समाप्ति के पश्चात डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा प्रशिक्षण में उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधा संवाद किया गया।
इस दौरान पुलिस कप्तान द्वारा जिले के 950 से अधिक पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों से संवाद करते हुए पुलिसिंग से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को लगातार अपडेट रखने के निर्देश दिए गए।
आधुनिक पुलिसिंग एवं नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर –
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक पुलिसिंग के अनुरूप स्वयं को निरंतर अपडेट रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने नवीन कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, सीसीटीएनएस, ई-साक्ष्य सहित विभिन्न डिजिटल कार्यवाहियों में दक्षता हासिल करने तथा पुलिसिंग में उपलब्ध आधुनिक तकनीकी संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अपराध की बदलती प्रकृति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तकनीकी रूप से दक्ष एवं अपडेट रहना आवश्यक है। तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए पुलिस विवेचना को अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाया जाए तथा डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं उपयोग में निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए।
साइबर अपराध के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के दिए निर्देश –
पुलिस कप्तान द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वयं साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने तथा आम नागरिकों को भी साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में साइबर जागरूकता अभियान को लगातार प्रभावी रूप से संचालित करने तथा आम नागरिकों, युवाओं एवं विभिन्न वर्गों को ऑनलाइन ठगी, साइबर अपराध एवं डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के संबंध में जागरूक करने पर जोर दिया।
हेलमेट जागरूकता एवं पुलिस मितान के माध्यम से कम्यूनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर –
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिले में हेलमेट जागरूकता अभियान को निरंतर प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही पुलिस मितान बनाने एवं उनके सहयोग से आम नागरिकों तक पुलिस की पहुंच बढ़ाने तथा कम्यूनिटी पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने पुलिस एवं आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अपराध नियंत्रण, यातायात जागरूकता एवं जनसुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए।
पुलिस कर्मियों को नशापान से दूर रहने एवं नशामुक्ति के प्रति जागरूकता लाने के निर्देश –
कार्यशाला के दौरान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वयं नशापान से दूर रहने तथा समाज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता लाने में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पुलिस कर्मियों को आम नागरिकों, युवाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों के बीच नशामुक्ति के प्रति जागरूकता लाने तथा नशे के दुष्प्रभावों से लोगों को अवगत कराने के लिए निरंतर प्रयास करने हेतु निर्देशित किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार, डीएसपी ट्रैफिक कुंज राम चौहान, रक्षित निरीक्षक जशपुर अमरजीत खूंटे सहित जिले के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


