जानलेवा हमला करने वाले दो आरोपियों को न्यायालय से 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास, पुलगांव पुलिस की प्रभावी विवेचना से दोषसिद्धि
गंभीर अपराधों में दुर्ग पुलिस की लगातार प्रभावी विवेचना और साक्ष्य संकलन के परिणामस्वरूप न्यायालय से लगातार दोषसिद्धि एवं सजा होने का क्रम जारी है।
ग्राम करंजा भिलाई बाजार चौक के पास दिनांक 30.06.2025 की रात्रि आहत पर धारदार वस्तु से हमला कर जान से मारने का प्रयास किया गया था।
थाना पुलगांव में अपराध क्रमांक 247/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 109 सहपठित धारा 3(5) में प्रकरण दर्ज किया गया था।
पुलिस द्वारा घटनास्थल निरीक्षण, गवाहों के कथन, चिकित्सकीय साक्ष्य एवं अन्य दस्तावेजी साक्ष्य संकलित कर प्रकरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग ने दोनों आरोपियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं
प्रकरण की विवेचना निरीक्षक प्रकाशकांत द्वारा की गई तथा न्यायालय में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक भावेश कटारे द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध कर 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया।
दिनांक 05.09.2026 को पारित निर्णय में माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, दुर्ग द्वारा आरोपी अमित दास मानिकपुरी एवं मोहन धीमर उर्फ मोन्टू को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 सहपठित धारा 3(5) के अंतर्गत दोषसिद्ध कर 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,000-1,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर 06-06 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। धारा 296 के अंतर्गत भी दोनों को 01-01 माह के साधारण कारावास एवं 500-500 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ भुगताई जानी हैं।
दुर्ग : दिनांक 30.06.2025 की रात्रि लगभग 23:00 बजे ग्राम करंजा भिलाई, बाजार चौक के पास, चौकी जेवरा सिरसा, थाना पुलगांव क्षेत्र में आहत आशीष ठाकुर के साथ आरोपियों का विवाद हुआ। प्रकरण के अनुसार आरोपियों द्वारा आहत को अश्लील गालियां दी गईं तथा धारदार वस्तु से उसकी पीठ एवं कमर के मार्मिक अंगों पर प्रहार किया गया। इस हमले से गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई और प्रकरण में हत्या का प्रयास किए जाने संबंधी आरोप पर अभियोजन चलाया गया।
घटना की सूचना पर थाना पुलगांव पुलिस द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, संबंधित गवाहों के कथन, चिकित्सकीय दस्तावेज एवं अन्य साक्ष्यों का संकलन किया गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध किया।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
विवाद के दौरान आरोपियों द्वारा आहत के साथ गाली-गलौज की गई तथा उसके शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों पर धारदार वस्तु से प्रहार किया गया। पुलिस विवेचना में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां अभियोजन साक्ष्यों के परीक्षण के बाद दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध किया गया।
घटना स्थल
ग्राम करंजा भिलाई, बाजार चौक के पास, चौकी जेवरा सिरसा, थाना पुलगांव क्षेत्र, जिला दुर्ग।
आरोपी का नाम
1. अमित दास मानिकपुरी, उम्र 19 वर्ष, निवासी करंजा भिलाई, चौकी जेवरा सिरसा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग।
2. मोहन धीमर उर्फ मोन्टू, उम्र 24 वर्ष, निवासी करंजा भिलाई, वार्ड क्रमांक 13, चौकी जेवरा सिरसा, थाना पुलगांव, जिला दुर्ग।
सराहनीय कार्य
प्रकरण की विवेचना निरीक्षक प्रकाशकांत द्वारा की गई तथा न्यायालय में अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक भावेश कटारे द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। उपलब्ध साक्ष्यों एवं अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध कर 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण में थाना पुलगांव पुलिस द्वारा समयबद्ध विवेचना, घटनास्थल निरीक्षण, गवाहों के कथन, चिकित्सकीय एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का संकलन कर अभियोजन के माध्यम से प्रकरण को न्यायालय तक प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया गया। उपलब्ध न्यायालयीन अभिलेख में विवेचना से संबंधित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम पूर्ण रूप से स्पष्ट रूप में उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए बिना पुष्टि के किसी कर्मचारी का नाम नहीं जोड़ा जा रहा है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें तथा किसी भी हिंसक अथवा आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस द्वारा प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है तथा गंभीर अपराधों में साक्ष्य-आधारित विवेचना कर प्रकरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।


