विशेष लेख : किसान मधुसुदन के लिए गौपालन बना मजबूत आय का साधन, 27 गाय प्रतिदिन 60 लिटर देती है दूध, गौपालन आय का उत्तम साधन

विशेष लेख : किसान मधुसुदन के लिए गौपालन बना मजबूत आय का साधन, 27 गाय प्रतिदिन 60 लिटर देती है दूध, गौपालन आय का उत्तम साधन

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर के किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

जिले के नगर पंचायत बगीचा के किसान मधुसुदन भगत पिछले कई वर्षों से समर्पण और मेहनत के साथ गौपालन को सफल व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ा रहे है। आधुनिक तकनीकों और पशुधन विकास विभाग की मदद से उन्होंने अपने पशुपालन को एक प्रेरणादायक मॉडल बना दिया है।

मधुसुदन की कहानी 2005 से बड़े रूप में गौपालन का काम कर रहे हैं।

27 गाय प्रतिदिन 60 लीटर से ज्यादा दूध देती है नगर में खपत हो जाती है।

किसान ने कुल 27 गौपालन कर रहे हैं और पशुओं के गोबर का उपयोग अपने खेतों में खाद के रूप में करते हैं।

उन्होंने बताया कि उनके पास जर्सी नस्ल के गाय है कुछ लोकल मिक्स ब्रीड के गाय का भी पालन करते हैं।

 बगीचा के पशुचिकित्सालय से पशुओं का नियमित इलाज और टिकाकरण करवाते हैं।

उनकी गाय प्रतिदिन सुबह और शाम 10 से 12 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है।

पशुओं के खाने के लिए मक्के के चूरे को खौलते पानी में डालकर पकाया जाता है जिसे गाय बहुत चाव से खाती हैं। और इससे दूध के उत्पादन में भी बढ़ोत्तरी होती है। दिन में दो बार गोबर को एकत्रित कर उसे वर्मी कम्पोस्ट बनाने में उपयोग किया जाता है।

       मधुसुदन भगत की यह पहल बताती है कि सही जानकारी मेहनत और विभागीय सहयोग से पशुपालन भी किसानों के लिए मजबूत आय का माध्यम बन सकती है।

Jashpur