घटनास्थल निरीक्षण में फिंगर प्रिंट एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
नारायणपुर : पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशानुसार अपराध अनुसंधान को अधिक वैज्ञानिक एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से दिनांक 06 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला नारायणपुर के बैठक कक्ष में एक दिवसीय फिंगर प्रिंट एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में पुलिस मुख्यालय रायपुर से फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ निरीक्षक श्रीमती अंजलि मिंज द्वारा जिला नारायणपुर के विभिन्न थानों से आए विवेचकों एवं पुलिस कर्मचारियों को घटनास्थल निरीक्षण में फिंगर प्रिंट के महत्व, फिंगर प्रिंट एवं अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की पहचान, संकलन, संरक्षण तथा दस्तावेजीकरण के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्वचालित फिंगर प्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस) के उपयोग एवं महत्व के साथ-साथ माप संग्रहण इकाई (एमसीयू) के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी गई। साथ ही घटनास्थल से प्राप्त होने वाले चांस फिंगर प्रिंट की पहचान, उन्हें सुरक्षित रूप से उठाने तथा अपराध अनुसंधान में उनके उपयोग की प्रक्रिया समझाई गई।
प्रशिक्षण में स्याही रहित फिंगर प्रिंट पैड, फिंगर प्रिंट खोज पर्ची एवं लघु फिंगर प्रिंट विकसित करने वाली किट के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी भी प्रदान की गई। इसके साथ ही घटनास्थल निरीक्षण प्रतिवेदन तैयार करने तथा घटनास्थल से फिंगर प्रिंट एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संकलित एवं सुरक्षित रखने की प्रक्रिया के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी पद्धतियों से दक्ष बनाते हुए घटनास्थल निरीक्षण, फिंगर प्रिंट संग्रहण एवं वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना तथा अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करना है।
नारायणपुर पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के प्रभावी उपयोग तथा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं का निरंतर आयोजन किया जा रहा है।


