H1N1/स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सावधानी बरतने की अपील
बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को न करें नजरअंदाज, समय पर लें चिकित्सकीय सलाह
जशपुर : छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में H1N1/स्वाइन फ्लू के प्रकरण सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। दुर्ग, बिलासपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों में स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के मद्देनजर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा ने जिलेवासियों से संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार H1N1/स्वाइन फ्लू एक श्वसन संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने तथा निकट संपर्क में आने से फैल सकता है। ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता और सावधानी बेहद जरूरी है।
इन सावधानियों को अपनाएं
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से खांसते या छींकते समय नाक और मुंह को रूमाल अथवा टिश्यू से ढकने, साबुन एवं पानी से बार-बार हाथ धोने तथा बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचने की अपील की है। बुखार, खांसी या गले में खराश होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें और बीमारी की स्थिति में पर्याप्त आराम करते हुए दूसरों के निकट संपर्क से बचें।
घर एवं कार्यस्थल पर साफ-सफाई बनाए रखने के साथ पर्याप्त वेंटिलेशन रखना भी संक्रमण के प्रसार को कम करने में सहायक है। चिकित्सकीय सलाह के बिना एंटीबायोटिक अथवा अन्य दवाओं का सेवन नहीं करने की भी सलाह दी गई है।

फ्लू जैसे लक्षण दिखें तो रहें सतर्क
बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या नाक बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द, कमजोरी और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। वहीं सांस लेने में कठिनाई, सांस फूलना, सीने में दर्द या लक्षण लगातार बढ़ने की स्थिति में तत्काल स्वास्थ्य संस्था पहुंचकर उपचार लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों तथा गंभीर अथवा दीर्घकालिक बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इन वर्गों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन संक्रमण की रोकथाम के लिए सतर्क रहना जरूरी है। लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्था में चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें।


