साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत बैंक, वित्तीय संस्थानों में उपस्थित नागरिकों एवं व्यवसायिक संगठन (कैट) के माध्यम से नागरिकों कों जागरूक करने कार्यक्रम की हुई शुरुवात।
पुलिस टीम द्वारा स्टेट बैंक ऑफ़ बतौली, सेंट्रल बैंक नर्मदापारा, पंजाब नेशनल बैंक अंबिकापुर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर, ग्रामीण बैंक लुण्ड्रा, ग्रामीण बैंक लखनपुर, राज्य ग्रामीण बैंक अंबिकापुर, सहकारी समिति बैंक लखनपुर एवं स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया लखनपुर, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया सीतापुर में उपस्थित नागरिकों एवं व्यवसायिक संगठन (कैट) के प्रभारियों एवं सदस्यो के माध्यम से आयोजित किया जा रहा कार्यक्रम।
अंबिकापुर : डीआईजी/एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नोडल अधिकारी साइबर सेल रितेश चौधरी के कुशल नेतृत्व में जिला अंतर्गत दूसरे सप्ताह में सभी बैंकों एवं अन्य वित्तीय संस्थानों में नागरिकों कों जागरूक करने “साइबर जागृति अभियान” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है!
साइबर अपराधों के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत स्टेट बैंक ऑफ़ बतौली, सेंट्रल बैंक नर्मदापारा, पंजाब नेशनल बैंक अंबिकापुर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर, ग्रामीण बैंक लुण्ड्रा, ग्रामीण बैंक लखनपुर, राज्य ग्रामीण बैंक अंबिकापुर, सहकारी समिति बैंक लखनपुर एवं स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया लखनपुर, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया सीतापुर में उपस्थित नागरिकों एवं व्यवसायिक संगठन (कैट) के प्रभारियों एवं सदस्यो के माध्यम से साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बैंक एवं वित्तीय संस्थानों में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी समेत बैंको में उपस्थित नागरिकों, एवं व्यवसायिक संगठन (कैट) के प्रभारियों एवं सदस्यो ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान बैंक के अधिकारी कर्मचारियों समेत उपस्थित नागरिकों, ग्रामीणों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों एवं ऑनलाइन ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से OTP, UPI एवं QR Code फ्रॉड, फर्जी लिंक, APK फाइल, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल, अनजान वीडियो कॉल, सेक्सटॉर्शन एवं डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
इस दौरान नागरिकों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड अथवा बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान APK फाइल डाउनलोड करने तथा किसी के कहने पर QR Code स्कैन करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साथ ही सोशल मीडिया पर निजी फोटो, वीडियो एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई।
साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई के महत्व को समझाते हुए नागरिकों को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा cybercrime.gov.in के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान “जागरूकता की एक Selfie” अभियान के अंतर्गत नागरिकों को जागरूकता QR Code के संबंध में जानकारी दी गई। नागरिकों को QR Code के माध्यम से साइबर जागरूकता अभियान से जुड़ने तथा साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेशों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के प्रति जागरूकता एवं सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से बैंक के अधिकारियो/कर्मचारियों समेत उपस्थित नागरिकों द्वारा QR Code के साथ Selfie भी ली गई।
उपरोक्त कार्यक्रम में थाना प्रभारी लुण्ड्रा निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर निरीक्षक मनोज प्रजापति, उप निरीक्षक अभय तिवारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक शिवकुमार ध्रुव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष कुमार, प्रशिक्षु उप निरीक्षक डिगेश्वर वर्मा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक आशी झा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक अनुराग वर्मा, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक वरदान लकड़ा, सहायक उप निरीक्षक गंभीर साय, महिला प्रधान आरक्षक मेविस ज्योत्स्ना, प्रधान आरक्षक वीरेंद्र बंजारे, नवाबिहान टीम की ओर से मंगल पाण्डेय, अनिल मिश्रा, आरक्षक अनुज जायसवाल, अमन पुरी, राहुल केरकेट्टा, दशरथ राजवाड़े सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। लगभग 500 नागरिकों की सहभागिता वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग एवं सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा। इस दौरान नागरिकों ने स्वयं जागरूक रहने तथा अपने परिवार एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।आपकी जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।


