कुम्हरता दोहरे हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला : पति-पत्नी की हत्या के दोनों आरोपी दोषी, खून से सने कपड़े, हत्या में इस्तेमाल टांगी और 46 अहम साक्ष्य बने निर्णायक, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा.

कुम्हरता दोहरे हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला : पति-पत्नी की हत्या के दोनों आरोपी दोषी, खून से सने कपड़े, हत्या में इस्तेमाल टांगी और 46 अहम साक्ष्य बने निर्णायक, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा.

थाना दरिमा क्षेत्र के ग्राम कुम्हरता में गत वर्ष हुए बहुचर्चित पति-पत्नी हत्याकांड में माननीय द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अंबिकापुर के न्यायालय ने 14 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मामले के दोनों आरोपियों – 1. करीमन मझवार, पिता-स्व. कमल साय, उम्र-42 वर्ष, निवासी-पम्पापुर, थाना-दरिमा, जिला- सरगुजा (छ.ग.), 2. जय श्याम पिता-लखन राम, उम्र- 28 वर्ष, निवासी-पम्पापुर, थाना- दरिमा, जिला – सरगुजा (छ.ग.) को हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। पुलिस की विवेचना, महत्वपूर्ण साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने अभियोजन के पक्ष में निर्णय दिया।

जानकारी के अनुसार मामला थाना दरिमा के अपराध क्रमांक 159/2025 से संबंधित है। घटना 22-23 अक्टूबर 2025 की दरमियानी रात ग्राम कुम्हरता घाधी में हुई थी। 23 अक्टूबर की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि एक घर में पति-पत्नी के शव पड़े हैं। सूचना पर थाना दरिमा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, जहां मृतक रीमा लकड़ा एवं उनकी पत्नी जुली लकड़ा उर्फ उर्मिला के शव घर की परछी में पड़े मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों की हत्या कर दी गई थी तथा घर से बकरियां भी गायब थीं। मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेकर डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) घटनास्थल पहुचे एवं थाना दरिमा पुलिस टीम को मामले में बारिकी से साक्ष्य एकत्रित करने के दिशा निर्देश दिए गए थे। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा के दिशा निर्देशन में पुलिस टीम ने आरोपियों की गहनता से पता तलाश तलाश शुरू की थी।

विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी करीमन मझवार एवं जय श्याम को पकड़कर पूछताछ किया गया जो आरोपियों के मेमोरेण्डम कथनों के आधार पर घटना में प्रयुक्त टांगी (कुल्हाड़ी) बरामद की। आरोपियों द्वारा घटना के समय पहने गए शर्ट भी पुलिस ने जब्त किए, जिन पर खून जैसे धब्बे पाए गए थे। इसके साथ ही घटना-स्थल से मृतक एवं मृतिका के शव के पास पड़ी खून आलूदा मिट्टी और साधारण मिट्टी के नमूने, मृतकों के कपड़े तथा पोस्टमार्टम के दौरान संरक्षित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को विधिवत जब्त किया गया। जब्त सामग्री को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजा गया तथा विवेचना के दौरान घटना में प्रयुक्त हथियार और कपड़ों का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया।

प्रकरण की विवेचना वर्तमान थाना प्रभारी दरिमा निरीक्षक राजेश खलखो द्वारा की गई। विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पत्र क्रमांक 164/2025 दिनांक 14 दिसंबर 2025 को न्यायालय में प्रस्तुत किया। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) दो बार, धारा 3(5) तथा धारा 332(क) के तहत आरोप लगाए गए थे।

न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूत तरीके से प्रस्तुत करते हुए 16 महत्वपूर्ण गवाहों के कथन और 46 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में पेश किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए परिस्थितिजन्य एवं भौतिक साक्ष्यों तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

माननीय न्यायालय ने मृतकों के उत्तराधिकारियों को क्षतिपूर्ति प्रदान किए जाने के संबंध में भी विचार किया। निर्णय में कहा गया कि मृतकों की क्षति अपूरणीय है तथा उनके उत्तराधिकारियों को समुचित प्रतिकार प्रदान किए जाने की अनुशंसा की गई है।

दोहरे हत्याकांड में न्यायालय का यह फैसला पुलिस की प्रभावी विवेचना, साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम है, जिसने जघन्य अपराध के आरोपियों को कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा से विवेचक थाना प्रभारी दरिमा एवं सहायक स्टाप कों उचित पारितोषिक प्रदान करने की अनुशंसा की गई थी। सरगुजा पुलिस की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज सरगुजा श्री दीपक झा द्वारा प्रकरण के विवेचना अधिकारी निरीक्षक राजेश खलखो तथा विवेचना में सहायक रहे दरिमा स्टॉफ के उत्साहवर्धन हेतु उचित पारितोषिक प्रदान करने की घोषणा की है।

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