तस्करी में प्रयुक्त 01 नग मोबाइल फ़ोन भी किया गया है जप्त
जप्त मशरूका की कूल कीमत है लगभग 8,10,000/- रुपये।
आरोपी के विरुद्ध थाना गुढ़ियारी में अप क्र 335/2026 धारा 20बी नारकोटिक एक्ट के तहत अपराध किया गया है पंजीबद्ध।
रायपुर : पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) दीपमाला कश्यप के दिशा-निर्देश में नशे के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही हेतु मादक पदार्थो की तस्करी रोकने के साथ ही अवैध रूप से उनकी खरीदी-बिक्री करने वाले लोगों के संबंध में पतासाजी कर कार्यवाही करने निर्देशित किया गया है। जिसके तारतम्य में समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों सहित थाना प्रभारियों द्वारा इस संबंध में सूचना संकलन कर मुखबीर लगाने के साथ ही अन्य माध्यमों से भी जानकारी एकत्रित किए जा रहे है।
इसी तारतम्य में दिनांक 14.08.2026 को थाना गुढ़ियारी की टीम को सूचना प्राप्त हुई कि थाना गुड़गियारी क्षेत्रांतर्गत रेलवे प्लेटफार्म न. 07 के बाहर पार्किंग में 01 व्यक्ति अपने पास बैग में गांजा रखा है तथा कहीं जाने की फिराक में है। जिस पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) श्री आदित्य पांडे तथा सहायक पुलिस आयुक्त (उरला) सुश्री पूर्णिमा लामा द्वारा सूचना की तस्दीक कर आरोपी को गांजा के साथ पकड़ने हेतु निर्देशित किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन तथा थाना प्रभारी गुढ़ियारी के नेतृत्व में थाना गुढ़ियारी पुलिस की टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर मुखबीर द्वारा बताये हुलिये के व्यक्ति की पतासाजी करते हुये चिन्हांकित कर पकड़ा गया। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम गोलू सिंह निवासी जबलपुर मध्यप्रदेश का होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा उसके पास रखे बैग की तलाशी लेने पर बैग में गांजा रखा होना पाया गया।
जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी गोलू सिंह को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 16 किलोग्राम गांजा तथा 01 नग मोबाइल फ़ोन जुमला कीमती लगभग 8,10,000/- रूपये जप्त कर आरोपी के विरूद्ध थाना गुढ़ियारी में अपराध क्रमांक 335/2026 धारा 20बी नारकोटिक एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही किया गया।
गिरफ्तार आरोपी- गोलू सिंह पिता भूपत सिंह उम्र 24 साल निवासी ग्राम सुन्दरदेही थाना बेलखेड़ा जिला जबलपुर (म. प्र.)
कार्यवाही में निरीक्षक नरेंद्र साहू थाना प्रभारी गुढ़ियारी, उप निरीक्षक कैलाश केशरवानी, पीएसआई वरदान सिंह, आरक्षक सुदीप मिश्रा, रविशंकर तिवारी, किशोर राजपूत, चंद्रशेखर खांडेकर, जगन्नाथ सावले, केदार राजपूत तथा टुकेश्वर रजक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


