खेलकूद में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होने के लिए विश्लेषण जरूरी
ऐसे इवेंट में ध्यान दें जिसमें कम होते हैं प्रतिभागी
आलेख .. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर, छ.ग.
रायपुर : राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 1934 से भाग लेना आरंभ किया और 1950, 1962, 1986 को छोड़कर 19 संस्करणों में भाग लिया है तथा अब तक कुल 216 स्वर्ण, 207 रजत 180 कांस्य पदक सहित कुल 603 पदक जीते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में सत्ता में आने के पश्चात खेलकूद को बढ़ावा देने की नई परंपरा चली जिसका नेतृत्य स्वयं प्रधानमंत्री ने किया और 2017-18 से खेलो इंडिया जिसे 2026-27 से खेलो इंडिया मिशन कहा जाता है उस कार्यक्रम को लागू किया। इसका उद्देश्य जमीन से जुड़ी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें खेल विशेष में गहन प्रशिक्षण देकर प्रतियोगिताओं हेतु तैयार करना तथा आमतौर पर ओलंपिक खेलों की अत्याधुनिक अधोसंरचना तैयार करना है। इस दृष्टि से कि हमारे खिलाडिय़ों के लिए कामनवेल्थ गेम्स 2026 ग्लास्गो, स्काटलैंड में भाग लेना परीक्षण का पहला दौर था। इसमें भारतीय खिलाडिय़ों ने दस खेलों में भाग लिया और 39 पदक जीते जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 09 कांस्य पदक शामिल थे। ग्लासगो के 2026 के राष्ट्रमंडल खेलों में दस खेलों में 215 इवेंट के लिए मुकाबले हुए थे। अगर हमें भविष्य में और अच्छा प्रदर्शन करना है तो प्रत्येक खेल के इवेंट, भारतीय एथलीट के भाग लेने वाले खेल के कुल देश व कुल खिलाडिय़ों पर नजर रखनी होगी। पुरुष मुक्केबाजी 55 किग्रा वर्ग में 24 देशों ने भाग लिया। भारत के जादूमनी सिंह ने रजत, इसी तरह 60 कि.ग्राम में 23 देशों के 23 मुक्केबाजों के बीच मुकाबला हुआ जिसमें भारत के सचिन सिवाच ने स्वर्ण जीता। भारत ने 65 किग्रा में जिसमें 26 देशों के 26 मुक्केबाज, 70 किग्रा जिसमें 17 देशों के 17 मुक्केबाज रिंग में उतरे भारत के किसी मुक्केबाज ने योग्यता हासिल नहीं किया। 80 किग्रा में 24 देशों के 24 मुक्केबाजों ने भाग लिया। भारत के अंकुश पंघाल ने स्वर्ण जीता। 80 किग्रा वर्ग में 9 देशों के 9 मुक्केबाजों ने भाग लिया पंरतु हमारे देश के कमल पंखड़ियां पराजित हो गए। 90 से अधिक वर्ग में 8 देशों के 8 मुक्केबाजों के बीच भारत के नरेन्द्र बर्ननाल ने रजत पदक जीता। इसी तरह महिला वर्ग में 51 कि.ग्रा. में 14 देशों की 14 मुक्केबाज रिंग में उतरी और साक्षी चौधरी ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। 54 किग्रा वर्ग में 17 देशों के 17 मुक्केबाजों में भारत की प्रीति पवार ने स्वर्ण हथिया लिया। 57 कि ग्राम वर्ग में 9 देशों के 9 मुक्केबाजों में जेसमीन लेबोरिया ने स्वर्ण जीता। महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में 10 देशों के 10 मुक्केबाजों के बीच प्रिया ने स्वर्ण पर कब्जा किया। 65 किग्रा वर्ग के 8 देशों के 8 मुक्केबाजों के बीच में पदक हासिल करने में भारत की परवीन हूडा असफल रही। 70 किग्रा वर्ग में अरुंधति चौधरी ने 8 देशों के 8 मुक्केबाजों में स्वर्ण हासिल किया। 75 किग्रा वर्ग में 5 देशों के 5 मुक्केबाजों में लेविन बोरगेहन ने रजत पदक हासिल किया।इस तरह भारत के खेल प्रशासकों, प्रशिाकों को ध्यान देना होगा कि प्रत्येक इवेंट के लिए खिलाड़ी तैयार करना है। विशेषकर ऐसे इवेंट जिसमें कम देशों के खिलाड़ी मैदान में मुकाबला करने उतरते हैं।
क्रमशः
संपर्क.. जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर, छ.ग. (मो- 9424213303)

