APK फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लिया, अंतरंग फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ऐंठे ₹13 हजार.
इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर युवती को ब्लैकमेल करने वाला साइबर अपराधी बिहार से गिरफ्तार.
रायगढ़ साइबर पुलिस ने मुजफ्फरपुर (बिहार) से आरोपी को दबोचा, आईटी एक्ट में भेजा गया न्यायिक रिमांड पर.
“साइबर अपराधियों को पैसा नहीं, पुलिस को सूचना दें, पीड़ित को मिलेगा न्याय” — एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह.
रायगढ़ : रायगढ़ साइबर पुलिस ने इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, APK फाइल के जरिए मोबाइल का एक्सेस हासिल करने और निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ₹13 हजार की उगाही करने वाले साइबर अपराधी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया है। तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को दबोचकर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस ने लोगों से APK फाइल डाउनलोड न करने और साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 पर देने की अपील की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत रायगढ़ साइबर थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को ब्लैकमेल करने वाले आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा है। आरोपी ने युवती को प्रेमजाल में फंसाकर उसकी निजी फोटो एवं वीडियो हासिल किए, फिर APK फाइल के माध्यम से मोबाइल का एक्सेस लेकर उसे लगातार ब्लैकमेल किया और ₹13 हजार की रकम भी वसूल ली।
जानकारी के अनुसार लैलूंगा थाना क्षेत्र की 23 वर्षीय युवती ने 12 जून 2026 को थाना साइबर में शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया कि लगभग छः वर्ष पहले उसकी इंस्टाग्राम पर एक अज्ञात व्यक्ति से पहचान हुई थी, जिसने अपना नाम अविनाश उर्फ राजा निवासी मुजफ्फरपुर (बिहार) बताया। बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने विश्वास में लेकर उससे निजी फोटो एवं वीडियो मंगवाए। कुछ समय बाद आरोपी का व्यवहार बदल गया और उसने युवती को एक APK फाइल डाउनलोड करने के लिए भेजी। आरोपी के कहने पर युवती ने फाइल डाउनलोड कर उसका एक्सेस कोड भी साझा कर दिया।
मोबाइल का एक्सेस मिलने के बाद आरोपी ने युवती की निजी जानकारी, फोटो, वीडियो और कॉन्टैक्ट लिस्ट हासिल कर ली। इसके बाद वह सोशल मीडिया और परिवार के सदस्यों को अंतरंग फोटो-वीडियो भेजने की धमकी देकर लगातार पैसों की मांग करने लगा। भयवश युवती ने आरोपी के पेटीएम खाते में ₹3,000, ₹5,000 और ₹5,000, कुल ₹13,000 भेज दिए। इसके बावजूद आरोपी ब्लैकमेल करता रहा तथा युवती के परिजनों से संपर्क कर उसे बदनाम करने का प्रयास किया।
शिकायत पर थाना साइबर में अपराध क्रमांक 10/2026 के तहत धारा 308(2), 351(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 66(D) आईटी एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक ने तकनीकी विश्लेषण कर आरोपी द्वारा उपयोग किए गए आईपी एड्रेस एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए। पूरी जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह को अवगत कराई गई, जिनके निर्देश पर विशेष पुलिस टीम तत्काल बिहार रवाना की गई।
साइबर पुलिस टीम ने जिला मुजफ्फरपुर के थाना बेला क्षेत्र में आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी अविनाश चौधरी (20 वर्ष) ने अपराध स्वीकार करते हुए युवती से ₹13 हजार प्राप्त करना स्वीकार किया। आरोपी ने यह भी बताया कि उसने यूट्यूब से हैकिंग के तरीके सीखकर इस प्रकार का अपराध किया था।
गिरफ्तार आरोपी अविनाश चौधरी पिता रमेश चौधरी, उम्र 20 वर्ष, वर्तमान पता – बर चौक, बेला, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) तथा स्थायी पता – जाफराबाद, खजहाचक उर्फ सहदेपुर, थाना लालगंज, जिला वैशाली (बिहार) को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी एवं डीएसपी साइबर श्रीमती उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में आरोपी की पतासाजी एवं गिरफ्तारी में थाना प्रभारी साइबर निरीक्षक विजय चेलक, एएसआई नंद कुमार सारथी, आरक्षक महेश पंडा, आरक्षक पुष्पेन्द्र जाटवर एवं आरक्षक संतराम कैवर्त की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश – “सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से मित्रता, निजी फोटो-वीडियो साझा करना तथा किसी के कहने पर APK फाइल डाउनलोड करना गंभीर साइबर खतरा है। ऐसे मामलों में घबराकर पैसे न भेजें, बल्कि तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें। रायगढ़ पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ देश के किसी भी राज्य में जाकर सख्त कार्रवाई करेगी।”
रायगढ़ पुलिस की साइबर सुरक्षा अपील –
• सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों की फ्रेंड रिक्वेस्ट या मैसेज पर भरोसा न करें।
• किसी के कहने पर APK फाइल या संदिग्ध लिंक डाउनलोड न करें।
• निजी फोटो, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी किसी भी ऑनलाइन व्यक्ति से साझा न करें।
• यदि कोई फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे, तो रकम बिल्कुल न भेजें।
• ऐसी स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें तथा निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।
• समय पर शिकायत करने से साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई संभव होती है।

