सेमीकंडक्टर पार्क और नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बड़ी खुशखबरी : छत्तीसगढ़ को मिली 320 एमवीए की नई ऊर्जा, लिटिया सेमरिया उपकेंद्र से औद्योगिक विकास को मिलेगा बड़ा बल, पारेषण नेटवर्क हुआ पहले से कहीं अधिक मजबूत.

सेमीकंडक्टर पार्क और नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बड़ी खुशखबरी : छत्तीसगढ़ को मिली 320 एमवीए की नई ऊर्जा, लिटिया सेमरिया उपकेंद्र से औद्योगिक विकास को मिलेगा बड़ा बल, पारेषण नेटवर्क हुआ पहले से कहीं अधिक मजबूत.

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश की पारेषण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला के करकमलों द्वारा 220/132 केवी लिटिया सेमरिया उपकेंद्र में स्थापित 160-160 एमवीए क्षमता के दो 220/132 केवी पावर ट्रांसफार्मरों का सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण किया गया। प्रथम ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण सायं 5:22 बजे तथा द्वितीय ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण सायं 5:27 बजे किया गया। दोनों ट्रांसफार्मरों के सफल ऊर्जीकरण से उपकेंद्र में 320 एमवीए की अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी (Transformation Capacity) उपलब्ध हो गई है।

इस परियोजना से राजनांदगांव एवं दुर्ग क्षेत्र की पारेषण व्यवस्था को उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी। बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा तथा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पारेषण तंत्र भी अधिक सक्षम बनेगा।

प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने इस उपलब्धि पर परियोजना से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास एवं उपभोक्ताओं को विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पारेषण नेटवर्क का निरंतर विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। लिटिया सेमरिया उपकेंद्र में उपलब्ध हुई अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी से न केवल वर्तमान विद्युत मांग को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप भी पर्याप्त क्षमता उपलब्ध रहेगी।

उन्होंने बताया कि 220/132 केवी लिटिया सेमरिया उपकेंद्र से 132 केवी वोल्टेज स्तर पर राजनांदगांव जिले के पटेवा में प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0/सेमीकंडक्टर पार्क) तथा राजनांदगांव जिले के बिजेभाट में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके साथ ही इस परियोजना का लाभ दुर्ग जिले से लेकर  राजनांदगांव तक प्राप्त होगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ घरेलू, कृषि एवं अन्य उपभोक्ताओं को भी अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

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