‘शिक्षक नहीं, मार्गदर्शक बनें’: लोयोला महाविद्यालय कुनकुरी में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, कौशल विकास और छात्र-केंद्रित शिक्षा पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न

‘शिक्षक नहीं, मार्गदर्शक बनें’: लोयोला महाविद्यालय कुनकुरी में आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, कौशल विकास और छात्र-केंद्रित शिक्षा पर दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम संपन्न

कुनकुरी : लोयोला महाविद्यालय, कुनकुरी के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा वर्ष 2026 के अंतर्गत दो दिवसीय ‘शिक्षक उन्मुखीकरण कार्यक्रम’ (Teachers’ Orientation Programme) का भव्य और सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राध्यापकों की शैक्षणिक दक्षता को निखारना, आधुनिक शिक्षण कौशलों का विकास करना तथा आज के बदलते परिवेश के अनुरूप विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धति को और अधिक प्रभावी बनाना था। इस गरिमामयी कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागों के प्राध्यापकों ने अत्यंत उत्साह और ऊर्जा के साथ हिस्सा लिया और विशेषज्ञों के जीवंत अनुभवों से लाभान्वित हुए।

प्रथम दिवस: “प्रतिभा की पहचान और आकांक्षाओं को नई उड़ान”

कार्यक्रम के प्रथम दिन मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित लोयोला सोसायटी के प्रबंधक फा. जेरोम मिंज, एस.जे. ने “Discover Talent, Explore Aptitude and Enhance Aspiration of Students” विषय पर बेहद प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक सच्चा शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं कराता, बल्कि वह विद्यार्थी के भीतर छिपे अद्वितीय हुनर और उसकी अभिरुचियों की पहचान कर उसकी आकांक्षाओं को एक सही और नई दिशा देता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बदलते दौर में शिक्षकों को केवल एक शिक्षक नहीं, बल्कि मार्गदर्शक (Mentor) की भूमिका निभानी होगी।

द्वितीय दिवस: आधुनिक शिक्षण पद्धतियाँ और ‘SWOT Analysis’

द्वितीय दिवस के सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. फा. प्रदीप केरकेट्टा, एस.जे. ने ‘Context, Experience, Reflection and Action’ पर आधारित आधुनिक शिक्षण पद्धति पर एक व्यावहारिक रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए शैक्षणिक स्तर पर आ रहे अंतर (Competency Gap) को पाटने की चुनौतियों, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर उभरते नए अवसरों और SWOT Analysis के महत्व को बेहद सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे बदलते वैश्विक शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप खुद को निरंतर अपग्रेड और विकसित करते रहें।

महाविद्यालय नेतृत्व का मार्गदर्शन और सहभागिता

यह पूरा रचनात्मक कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फा. तेलेस्फोर लकड़ा, उप-प्राचार्य फा. मार्टिन तिर्की एवं विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. फा. इग्नस किंडो के कुशल मार्गदर्शन, संरक्षण और प्रबंधन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन सत्र में आयोजन समिति द्वारा सभी मुख्य अतिथियों, विषय विशेषज्ञों (Resource Persons) और प्रतिभागी प्राध्यापकों के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया गया। इस सफल आयोजन के साथ ही लोयोला महाविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, नवाचार और उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर से दृढ़ता के साथ दोहराया।

Jashpur