चिरायु योजना बनी उम्मीद की किरण: 74 जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को मिला निःशुल्क उपचार का अवसर
विशेष स्वास्थ्य शिविर में हुई जांच, 50 बच्चों की हृदय सर्जरी होगी निःशुल्क
अभिभावकों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
जशपुर : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत जिला चिकित्सालय जशपुर में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर ने जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को नई उम्मीद दी है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में आयोजित इस एक दिवसीय शिविर में जिले भर से चिन्हांकित 74 बच्चों की निःशुल्क जांच एवं उपचार किया गया। शिविर के माध्यम से बच्चों के गंभीर हृदय रोगों की पहचान कर उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। यह शिविर चिरायु योजना के अंतर्गत एसईसीएल के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व प्रोजेक्ट ‘धड़कन’ के तहत आयोजित किया गया। शिविर में सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल रायपुर के हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों की निःशुल्क स्क्रीनिंग एवं ईकोकार्डियोग्राफी जांच की। शिविर का शुभारंभ जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने किया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका सदस्य श्री राजू गुप्ता, सुश्री रागिनी भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम नहीं है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निःशुल्क जांच और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराना शासन की संवेदनशीलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला हैं तथा ऐसे शिविरों से जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।
शिविर में जिले के सभी विकासखंडों से चिरायु दलों द्वारा लाए गए 74 जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच की गई। जांच के दौरान 50 बच्चों को हृदय सर्जरी की आवश्यकता वाले मरीजों के रूप में चिन्हित किया गया। इन सभी बच्चों का उपचार एवं सर्जरी चिरायु योजना के तहत सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल रायपुर में पूरी तरह निःशुल्क कराया जाएगा। शिविर के दौरान अभिभावकों ने बताया कि महंगे उपचार के कारण वे अपने बच्चों का इलाज कराने में असमर्थ थे। अब शासन की इस पहल से उन्हें बड़ी राहत मिली है और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य की उम्मीद जगी है। अभिभावकों ने राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा, सिविल सर्जन डॉ. कपिलदेव कश्यप तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक भी उपस्थित रहे। शिविर के सफल आयोजन में चिरायु नोडल अधिकारी डॉ. अरविंद रात्रे, अस्पताल सलाहकार श्री राजेश कुरील एवं समस्त चिरायु दल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि चिन्हित बच्चों के उपचार की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाएगी, जिससे उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।

