शादी का झांसा देकर नाबालिग को दिल्ली ले गया दरिंदा, महीनों तक करता रहा दुष्कर्म; पुलिस की सटीक जांच से कोर्ट ने ठोकी 20 साल की सख्त सजा

शादी का झांसा देकर नाबालिग को दिल्ली ले गया दरिंदा, महीनों तक करता रहा दुष्कर्म; पुलिस की सटीक जांच से कोर्ट ने ठोकी 20 साल की सख्त सजा

बलौदाबाजारभाटापारा पुलिस की तत्परता और सशक्त विवेचना से पॉक्सो एक्ट एवं दुष्कर्म के आरोपी को मिली कड़ी सजा

माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो), बलौदाबाजार ने सुनाई 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा

बलौदाबाजार-भाटापारा : वरिष्ठ अधिकारियों के कुशल निर्देशन में विवेचना अधिकारी सुश्री अपूर्वा क्षत्रिय (SDOP बलौदाबाजार) एवं प्रधान आरक्षक अरशद खान (तत्कालीन थाना पलारी) की उत्कृष्ट व वैज्ञानिक विवेचना के फलस्वरूप, माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो), बलौदाबाजार के पीठासीन अधिकारी श्री गिर्जेश प्रताप सिंह द्वारा आरोपी वासिफ आलम उर्फ आतिफ को विभिन्न गंभीर धाराओं में दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया है।

घटना का संक्षिप्त विवरण और पुलिस कार्रवाई:- मामला थाना पलारी का है, जहां प्रार्थी द्वारा दिनांक 08.03.2025 को अपनी नाबालिग लड़की/पीड़िता के बिना बताए घर से कहीं गुम हो जाने की मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस द्वारा तत्काल गुम इंसान क्रमांक 33/2025 कायम कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान अज्ञात आरोपी द्वारा नाबालिग पीड़िता को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की आशंका पर अपराध क्र. 91/2025, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया, जिससे संदेही का लोकेशन नांगलोई, दिल्ली में प्राप्त हुआ। पुलिस टीम द्वारा तत्काल दिल्ली रवाना होकर मुस्तैदी दिखाते हुए दिनांक 14.03.2025 को अमर कॉलोनी, नांगलोई (दिल्ली) से आरोपी वासिफ आलम उर्फ आतिफ को गिरफ्तार किया गया और उसके कब्जे से पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया।

सशक्त विवेचना एवं साक्ष्य संकलन:- महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़िता का विस्तृत कथन कराया गया, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि आरोपी वासिफ आलम ने पीड़िता को शादी का प्रलोभन देकर बहलाया-फुसलाया और दिल्ली ले जाकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया है। इस आधार पर मामले में धारा 87, 64(2)(M) (BNS) तथा धारा 04, 06 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गई। विवेचना टीम द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्य अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संकलित कर माननीय न्यायालय के समक्ष अकाट्य साक्ष्य के साथ समय सीमा के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया।

माननीय न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय: विशेष लोक अभियोजक श्रीमती निशा शर्मा द्वारा न्यायालय के समक्ष अत्यंत प्रभावी पैरवी की गई। माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) श्री गिर्जेश प्रताप सिंह द्वारा प्रकरण में उपलब्ध वैज्ञानिक, चिकित्सकीय एवं मौखिक साक्ष्यों को सही पाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और निम्नलिखित धाराओं के तहत दंडित किया:

1. धारा 137(2) BNS: 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड (अर्थदंड न देने पर 02 माह का अतिरिक्त कारावास)।

2. धारा 87 BNS: 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000 अर्थदंड (अर्थदंड न देने पर 02 माह का अतिरिक्त कारावास)।

3. धारा 04(2) पॉक्सो एक्ट, 2012: 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड (अर्थदंड न देने पर 04 माह का अतिरिक्त कारावास)।

4. धारा 06 पॉक्सो एक्ट, 2012: 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000 अर्थदंड (अर्थदंड न देने पर 04 माह का अतिरिक्त कारावास)

आरोपी- आरोपी वासिफ आलम उर्फ आतिफ उम्र 20 वर्ष, निवासी करजा, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार

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