रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक : अगले 25 साल की पुलिसिंग आपके हाथों में ! आईजी गर्ग ने नए प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (PSI) को दी कड़ी चेतावनी और बड़ी जिम्मेदारी, हेलमेट से लेकर हाईटेक जांच तक…आईजी ने नए पुलिस अधिकारियों के लिए दिया मार्गदर्शन.

रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक : अगले 25 साल की पुलिसिंग आपके हाथों में ! आईजी गर्ग ने नए प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (PSI) को दी कड़ी चेतावनी और बड़ी जिम्मेदारी, हेलमेट से लेकर हाईटेक जांच तक…आईजी ने नए पुलिस अधिकारियों के लिए दिया मार्गदर्शन.

दिनांक 10 जून 2026 को श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा जिले में पदस्थ नव प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के लिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई। समीक्षा बैठक का आयोजन रक्षित केन्द्र बिलासपुर स्थित चेतना भवन में किया गया। समीक्षा बैठक में श्री रजनेश सिंह उमनि एवं वरि० पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर, श्री पंकज पटेल अति० पुलिस अधी० बिलासपुर, श्रीमति मधुलिका सिंह, अति० पुलिस अधी० बिलासपुर, श्रीराम गोपाल करियारे अति० पुलिस अधीक्षक बिलासपुर यातायात, श्रीमति मंजूलता केरकेट्टा उप पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, श्री विवेक शर्मा उप पुलिस अधीक्षक पु०म०नि० कार्या० बिलासपुर एवं नव नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षकगण उपस्थ्ति रहे तथा विडियों कांन्फ्रेसिंग के माध्यम से रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज एवं श्री रजनेश सिंह उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर द्वारा रेंज में पदस्थ नव प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के लिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी साझा की गई –

• विभाग का प्रतिनिधित्व : वर्दी पहनने के बाद अधिकारी का आचरण व्यक्तिगत नहीं रहता, वह पूरे विभाग को दर्शाता है। वे हमेशा जनता की निगरानी में रहते हैं।

• कदाचार पर रोक :  पुलिस जनता के रक्षक होते है, जो मयार्दित रहकर कानून का पालन करना तथा ऐसा कोई कार्य ना करें जिससे पुलिस की छवि धूमिल हो।

• नियमों का पालन: जनता के सामने उदाहरण पेश करने के लिए पुलिस अधिकारियों को स्वयं यातायात नियमों (जैसे हेलमेट पहनना) का कड़ाई से पालन करना होगा।

• आत्मनिर्भरता: CCTNS (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) में प्रविष्टियां (Entries) खुद करनी होंगी, और अपने कर्त्तव्य के प्रति हमेशा तत्पर रहनी होगी।

• ऐप्स का उपयोग: विभाग के तकनीकी ऐप्स जैसे ‘सशक्त’, ‘ई-साक्ष्य’,  I/O Mitan और ‘समाधान’ का शत-प्रतिशत उपयोग अनिवार्य है।

• अनिवार्य योग्यता : कंप्यूटर का ज्ञान साथ ही सोशल मीडिया, सायबर संबंधी जानकारी के बारे में अच्छा पकड् रखना होगा।

• फील्ड वर्क : व्यावहारिक चुनौतियों को समझने के लिए प्रत्येक प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर को न्यूनतम 5 समन और 5 वारंट तामील करने होंगे।

• सीखने की प्रक्रिया : पुरानी एफआईआर और चार्जशीट का अध्ययन करना होगा। केस सुलझाने और कानूनी साक्ष्य तैयार करने के लिए थाने के मोहर्रिर और अनुभवी विवेचकों से काम सीखना होगा।

• धैर्यपूर्ण व्यवहार : थाने में आने वाले पीड़ितों की समस्याओं को अत्यंत धैर्यपूर्वक सुनना होगा।

• भरोसा जीतना : शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या को समझकर उन्हें कानून सम्मत कार्रवाई का पूरा भरोसा दिलाना पुलिस का प्राथमिक कर्तव्य है।

• आचरण नियमों (Conduct Rules) का पालन: आई जी श्री गर्ग ने नव नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षक गणों को विभागीय नियमावली का पालन करने के साथ साथ सदाचार का पालन करने संबंधी जानकारी साझा की गई।

• डेली डायरी : सभी सब-इंस्पेक्टरों को अपनी ‘डेली डायरी’ अनिवार्य रूप से मेन्टेन करनी होगी, जिसकी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कभी भी औचक जांच (Surprise Inspection) की जा सकती है।

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