मामूली विवाद पर अपनी पत्नी को मार-पीट कर हत्या करने के मामले में आरोपी गिरफ्तार.
थाना मणिपुर में अपराध क्रमांक 95/2026 धारा 103(2) बी.एन.एस. किया गया था पंजीबद्ध.
घटना के बाद पत्नी की हत्या के केस में फंसने के डर से अस्पताल में कराया था भर्ती.
अंबिकापुर : अंबिकापुर में घरेलू विवाद ने एक दर्दनाक मोड़ ले लिया, जहां मामूली कहासुनी के बाद पति ने अपनी ही पत्नी की बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर चोटों से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति खुद को बचाने के लिए पत्नी को अस्पताल ले गया, लेकिन पुलिस की सख्त जांच और साइबर सेल की मदद से आखिरकार आरोपी गिरफ्त में आ गया।
मिली जानकारी के अनुसार घटना का विवरण इस प्रकार है की दिनांक 15 मई 2026 को आवेदक प्रसन्न अगरिया पिता जगतराम अगरिया निवासी सकरिया कुन्नी थाना लखनपुर जिला सरगुजा ने रिपोर्ट दर्ज कराया था कि उसकी बहन हीरो बाई को उसका पति प्रदीप अगरिया निवासी भिट्ठीकला ने दिनांक 14 मई 2026 की शाम को खटिया के पाटी से मारपीट किया है, जिससे हीरो बाई को चोटें आई थी जो जिला अस्पताल में इलाज हेतु भर्ती किया था। आवेदक की बहन हीरो बाई को सिर एवं चेहरे पर आई चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान रात्री में उसकी मृत्यु हो गई। आवेदक की रिपोर्ट पर थाना मणिपुर में अपराध क्रमांक 95/2026 धारा 103(2) बी.एन.एस. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। घटना-स्थल निरीक्षण, साक्ष्य संकलन एवं शव पंचनामा कार्यवाही उपरांत शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया।
विवेचना के दौरान प्रकरण के आरोपी प्रदीप अगरिया की पतासाजी हेतु नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में थाना मणिपुर एवं साइबर सेल अम्बिकापुर की 02 भागों में संयुक्त टीम गठित की गई, दोनों पुलिस टीम द्वारा आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर प्रदीप अगरिया को पुलिस टीम द्वारा बांकी डेम के निकट जंगल में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया, जिसने अपना जुर्म स्वीकार किया। उसने बताया कि मामूली विवाद पर गुस्से में खटिया के पति से सिर, चेहरे में मारा है, जिससे पत्नी की मृत्यु होने से फंस जाने के कारण डर से जिला अस्पताल अंबिकापुर में इलाज के लिए भर्ती कराना स्वीकार किया। आरोपी के विरूद्ध धारा सदर का अपराध सबूत पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
इस प्रकरण की संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सी.पी. तिवारी, सहायक उपनिरीक्षक अनिल पाण्डेय, प्रभारी साइबर सेल सहायक उपनिरीक्षक अजीत कुमार मिश्रा, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, प्रधान आरक्षक जयदीप सिंह, महिला प्रधान आरक्षक मालती तिवारी, आरक्षक सत्येन्द्र दूबे, आरक्षक अशोक यादव, आरक्षक रमेश राजवाडे़, आरक्षक मनीष सिंह, आरक्षक अनील सिंह, आरक्षक उमाशंकर साहू, आरक्षक रमाशंकर यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

