जब शासन पहुंचा गांव के द्वार: खूंटीटोली शिविर में आवास योजना से साकार हुए सपने, श्रम कार्ड बनते ही बदली जिंदगी, ग्रामीणों में खुशी की लहर

जब शासन पहुंचा गांव के द्वार: खूंटीटोली शिविर में आवास योजना से साकार हुए सपने, श्रम कार्ड बनते ही बदली जिंदगी, ग्रामीणों में खुशी की लहर

सुशासन तिहार 2026: गांव-गांव पहुंच रहा समाधान, ग्रामीणों के चेहरों पर दिखी खुशी

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 5 हितग्राहियों को सौंपी गई खुशियों की चाभी, 3 श्रमिकों का तत्काल बना श्रम कार्ड

जशपुर : सुशासन तिहार 2026 के तहत शासन का उद्देश्य गांव-गांव तक पहुंचकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रूप से पहुंचकर लोगों की मांगों और समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। इस पहल से आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। सोमवार को खूंटीटोली में आयोजित शिविर में अनेक आवेदनों का मंगलवार को खूंटीटोली में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। जिन हितग्राहियों की समस्याएं तत्काल हल हुईं, उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। शिविर में 5 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पूर्ण हुए मकानों की खुशियों की चाभी सौंपी गई, वहीं 2 हितग्राहियों को नए मकानों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही 3 महिलाओं के श्रम कार्ड भी तत्काल बनाए गए।

 प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत नारियरडांड के संतोष कुमार सोनी, तुलसी राम चक्रेश और भोला साहू तथा ग्राम पंचायत खूंटीटोली के मीना पैंकरा और विश्वनाथ राम को आवास पूर्ण होने पर चाबी प्रदान की गई। वहीं ग्राम पंचायत फरसाजुडवाइन की जूलिया और फूलजेनाश मिंज को आवास निर्माण हेतु स्वीकृति पत्र दिया गया। इसके अलावा श्रम विभाग द्वारा शिविर में ही सुरेखा चक्रेश, संगीता चक्रेश और तपस्वनी चक्रेश का श्रम कार्ड तत्काल बनाया गया। श्रम कार्ड बनने से इन हितग्राहियों को दुर्घटना बीमा, पेंशन, बच्चों के लिए छात्रवृत्ति सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त होगा। हितग्राहियों ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शासन की यह पहल वास्तव में आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है और अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ता।

Jashpur