मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, हर गांव तक पहुंच रही इलाज की सुविधा
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन बनी जीवनदायिनी, 3570 मरीजों को मिली त्वरित चिकित्सा सहायता
जशपुर : वनांचल एवं अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिला जशपुर में आमजन को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर प्रभावी उपचार मिल सके। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिले को इसी वर्ष 01 अप्रैल को 23 एम्बुलेंस सेवाएं प्राप्त हुई हैं, जिनमें 3 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) तथा 20 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मितान हेल्पलाइन आमजन के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में इलाज के लिए प्राप्त आवेदन पर तत्काल समाधान करते हुए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मितान की टीम द्वारा इलाज के लिए उचित व्यवस्था कराई जाती है। यह हेल्पलाइन आपातकालीन परिस्थितियों में निःशुल्क और त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही है। पिछले 26 महीनों में लगभग 3,570 मरीजों को चिकित्सकीय सलाह, दवाइयां, अस्पताल में भर्ती, रेफरल सेवा तथा आवश्यकता अनुसार एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। हेल्पलाइन की विशेषता यह है कि 5 मिनट के भीतर रिस्पांस दिया जाता है तथा प्रत्येक कॉल पर 1 से 3 फॉलोअप सुनिश्चित किए जाते हैं। साथ ही, ओला-उबर की तर्ज पर एंबुलेंस ट्रैकिंग लिंक उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है।
हेल्पलाइन से मिल रही त्वरित सहायता
ग्राम गोरिया के कोरवाबहरी निवासी बजरंग राम बताते हैं कि उनकी माता संतरा बाई के मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए वे सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे थे, लेकिन आर्थिक समस्या आड़े आ रही थी। आवेदन देने के मात्र 4 मिनट बाद हेल्पलाइन से कॉल आया और इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई। आज उनकी माता पूरी तरह स्वस्थ हैं। इसी तरह ग्राम सरायपानी, विकासखंड बगीचा के 80 वर्षीय दिव्यांग लुंवर साय, जो छाती में दर्द और सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित थे, उन्होंने भी कैंप कार्यालय में आवेदन दिया। प्रशासन द्वारा तत्काल उनके उपचार की समुचित व्यवस्था कराई गई।
जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना का हो रहा विस्तार
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। कुनकुरी विकासखंड के गिनाबहार में लगभग 8 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से 50 बिस्तरीय मातृ-शिशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा जिले में मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना भी प्रस्तावित है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नए स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण भी किया जा रहा है।
पहाड़ी कोरवा हेल्पडेस्क से मिल रही सुलभ चिकित्सा
विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहाड़ी कोरवा हेल्पडेस्क स्थापित किया गया है। यह हेल्पडेस्क आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित है, जो स्थानीय भाषा में संवाद कर लोगों में जागरूकता बढ़ा रही हैं। इस पहल के माध्यम से अब तक 1450 से अधिक मरीजों को ओपीडी, 900 से अधिक को आईपीडी सेवाएं तथा 140 से अधिक सुरक्षित संस्थागत प्रसव कराए जा चुके हैं। साथ ही, मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

