उधारी रकम को लेकर पनपी रंजिश बनी हत्या की वजह : गला और मुंह दबाकर की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि.
हत्या के बाद शव घर के पीछे फेंककर साक्ष्य छुपाने का प्रयास, आरोपी करमसाय नगेसिया गिरफ्तार, भेजा गया न्यायिक रिमांड पर.
एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश — “उधारी रकम विवाद में हत्या कर साक्ष्य छुपाने जैसे जघन्य अपराध का कापू पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके से पर्दाफाश किया है.”
रायगढ़ : जिले के रायगढ़ अंतर्गत कापू थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज अंधे हत्याकांड का पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। ग्राम कुम्हीचुआं में युवक की संदिग्ध मौत ने जहां पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी, वहीं पुलिस की सूझबूझ और सघन जांच ने इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए चौंकाने वाला सच सामने ला दिया। मामूली उधारी रकम से शुरू हुआ विवाद खूनी अंजाम तक पहुंचा, और आरोपी ने हत्या के बाद शव छुपाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश भी की—लेकिन कानून के शिकंजे से बच नहीं सका।
थाना कापू पुलिस द्वारा ग्राम कुम्हीचुआ में मिले युवक के शव के मामले में गंभीर जांच करते हुए अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया गया है। दिनांक 27 अप्रैल 2026 को देवव्रत तुरी (30वर्ष) निवासी ग्राम कुम्हीचुआं का शव उसके निर्माणाधीन मकान के पीछे बाड़ी में संदिग्ध परिस्थिति में मिलने की सूचना पर थाना कापू में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत दम घुटने और गले की हड्डी टूटने से होना पाए जाने पर हत्या की पुष्टि हुई, जिसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

क्या है घटना, कैसे हुआ खुलासा —
दिनांक 27 अप्रैल 2026 को घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी, वैज्ञानिक अधिकारी पी.एस. भगत, थाना प्रभारी कापू उपनिरीक्षक इगेश्वर यादव और थाना कापू पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटना-स्थल और शव का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए। मृतक के शरीर पर गले, कलाई और पीठ पर दबाव एवं संघर्ष के निशान मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों द्वारा मृत्यु को होमीसाइडल बताया गया।
घटना के संबंध में मृतक के पिता चमराराम तुरी (60 वर्ष) ने बताया कि उसका लड़का देवव्रत तुरी की शादी ग्राम बेहरामार धरमजयगढ के निर्मला बसोड के साथ सामाजिक रीति रिवाज से 13-14 साल पहले सम्पन्न हुआ था, जिसके वैवाहिक जीवन से 04 बच्चे हैं – तीन बेटी व एक बेटा है। देवव्रत व उसकी पत्नी के बीच अनबन होने से उसकी पत्नी निर्मला बसोड तीनों बेटियों को लेकर अपने मायके बेहरामार में करीब 02 वर्षों से अलग रह रही है, बडा नाती रणबीर बसोड 12 साल का है जो अपने दादा-दादी के साथ कुम्हीचुआं में रहता है एवं मृतक की बहन कौशल्या भी अपने माता-पिता अपने तीनों बच्चों के साथ रहती है। मृतक व उसके माता-पिता व बहन के साथ भी आये दिने विवाद होते रहता था। बताया गया है कि दिनांक 26 अप्रैल 2026 के शाम देवव्रत अपने कमरे में था और माता-पिता एवं बहन भी अपने कमरे में खाना खाकर सोने चले गये कि सुबह दिनांक 27 अप्रैल 2026 को मृतक का बेटा रणबीर अपने पिता के कमरे में देखने गया तो मृतक अपने कमरा के अंदर नहीं था। आस पास में पता तलाश किये जो कि मृतक के निर्माणाधीन इंद्रा आवास एवं मिट्टी के मकान के बगल बाडी में देवव्रत तुरी मरा हुआ पट हालत में मिला, मृतक के दोनों हाथ कलाई में तथा गले के पास तथा पीठ में काला गहरा निशान दिखाई पड रहा था तथा नाक से खुन निकल रहा था। थाना प्रभारी कापू द्वारा मर्ग जांच पंचनामा कार्यवाही किये जाने के साथ शव का पी.एम. कराया गया। मृतक का शार्ट पी.एम. रिपोर्ट में मृतक की मृत्यु होमीसाईडल प्रकृति का होना लेख किया गया है। मर्ग जांच पर एवं डाक्टर के शार्ट पी.एम. रिपोर्ट पर अज्ञात ब्यक्ति द्वारा गला घोंट कर हत्या करना पाये जाने से थाना कापू में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 75/2026 धारा 103(1) BNS का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक इगेश्वर यादव द्वारा मृतक के परिजनों, ग्रामीणों और संदिग्धों से तीन दिनों के सघन पूछताछ में कोई खास जानकारी निकलकर नहीं आयी। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि गांव के करमसाय नगेसिया और मृतक के बीच लंबे समय से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। मार्च महीने में करमसाय नगेसिया का पूरा परिवार उसके घर उसको मारने पीटने आये थे और घरवालों से झगड़ा विवाद कर लौट गये।
संदेह के आधार पर करमसाय नगेसिया पिता पतिराम नगेसिया उम्र 42 वर्ष निवासी ग्राम कुम्हीचुआ को थाना लाकर गहन पूछताछ की गई। शुरू में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
आरोपी करमसाय नगेसिया ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले मृतक देवव्रत तुरी ने उससे 5,000/- रुपये उधार लिए थे, जिसे वह लगातार टालता रहा। ब्याज सहित रकम बढ़ने और कई बार मांगने के बाद भी पैसा वापस नहीं मिलने से आरोपी के मन में रंजिश थी। 11 मार्च को उसके द्वारा पैसा वापसी मांगने पर देवव्रत तुरी के माता-पिता एवं उसकी बहन से गाली-गलौच किये थे। जिसको लेकर मिटिंग भी गांव में बैठे थे, फिर भी देवव्रत के द्वारा पैसा वापस नहीं किया गया। दिनांक 26 अप्रैल 2026 की रात करीब 11 बजे शादी कार्यक्रम से लौटते समय उसने देवव्रत को उसके घर के पास देखा और पुराने विवाद के कारण गुस्से में उसका पीछा कर घर के दरवाजे के पास पकड़ लिया। आरोपी ने देवव्रत के मुंह और गले को दोनों हाथों से दबाकर जमीन पर पटक दिया और तब तक दबाए रखा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को उठा कर घर के पीछे बाड़ी में फेंक दिया ताकि हत्या को छुपाया जा सके। आरोपी को आज न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक इगेश्वर यादव, प्रधान आरक्षक सुमेश गोस्वामी, आरक्षक विभूति सिंह, आरक्षक संजीव पटेल, आरक्षक दिनेश गोंड और महिला आरक्षक संगीता लकडा तथा थाना प्रभारी साइबर विजय चेलक, आरक्षक महेश पंडा और आरक्षक गोविंद पटेल की अहम भूमिका रही है।
आरोपी – करमसाय नागेसिया, पिता पतिराम नागेसिया, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम कुम्हिचुवां थाना कापू.
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश — “कानून अपने हाथ में लेने वालों पर रायगढ़ पुलिस सख्त वैधानिक कार्रवाई करेगी। आमजन से अपील है कि किसी भी विवाद का समाधान कानून और संवाद के माध्यम से करें।”

