आरोपी के विरुद्ध चौकी मनोरा में छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (1)(क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध, मामला चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत का.
आरोपी चौकी मनोरा क्षेत्रांतर्गत ग्राम टेम्पु के लेटे झरिया के रास्ते, पैदल हांक कर ले जा रहा था गौ-वंशों को झारखंड, आया पुलिस की गिरफ्त में
नाम गिरफ्तार आरोपी – दुर्योधन भगत, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम टेम्पु चौकी मनोरा जिला जशपुर (छग).
जशपुर : जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ गौ तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई का प्रतीक बनता जा रहा है। सतर्कता और त्वरित रणनीति के चलते पुलिस ने न केवल बेजुबान पशुओं को क्रूरता से बचाया, बल्कि तस्करी के एक बड़े प्रयास को भी नाकाम कर दिया। इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ अब कोई भी ढील नहीं दी जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 20 अप्रैल 2026 की शाम करीबन 05:30 बजे चौकी मनोरा पुलिस को मुखबीर से पुख़्ता सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति ग्राम बड़ा टेम्पु के लेटे झरिया नाला के पास पगडंडी रास्ते से भारी मात्रा में गौ-वंशों को पैदल हांक कर, मारते पीटते हुए जल्दी-जल्दी झारखंड राज्य की ओर ले जा रहा है। जिस पर चौकी मनोरा पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल मुखबिर की सूचना की तस्दीक हेतु लेटे झरिया नाला की ओर रवाना हुए, पुलिस के साथ ग्रामीण भी थे, लेटे झरिया नाला के पास पहुंच कर पुलिस ने पाया कि एक संदिग्ध व्यक्ति 12 नग गौ-वंशों को हांक कर, जल्दी-जल्दी पैदल बेरहमीपूर्वक मारते पीटते हुए ले जा रहा है।
जिस पर पुलिस की टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए संदिग्ध आरोपी को पकड़ने हेतु घेरा बंदी की गई, पुलिस को देखकर गौ-वंशों को हांक कर ले जा रहे आरोपी के द्वारा भागने का प्रयास किया गया, जिसे कि पुलिस की टीम के द्वारा पीछा कर हिरासत में लिया गया। पूछ ताछ में संदिग्ध आरोपी ने अपना नाम दुर्योधन भगत, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम टेम्पु चौकी मनोरा जिला जशपुर (छग) का रहने वाला बताया व गौ-वंशों को झारखंड राज्य ले जाना स्वीकार किया। पुलिस के द्वारा पकड़े गए आरोपी से गौ-वंशों से संबंधित वैध दस्तावेज की मांग करने पर उसके द्वारा कोई वैध दस्तावेज नहीं दिया जा सका। जिस पर पुलिस के द्वारा संदिग्ध आरोपी से सभी 12 नग गौ-वंशों को सकुशल बरामद कर लिया गया व पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया।
प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध चौकी मनोरा में छ ग कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 व पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 (1)(क)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।
पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपी गौ तस्कर दुर्योधन भगत के द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त सबूत पाए जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर दिनांक 21 अप्रैल 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
इस प्रकरण की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी मनोरा दिनेश पुरैना, सहायक उपनिरीक्षक शांति प्रमोद टोप्पो, प्रधान आरक्षक वितीन कुमार भगत, आरक्षक शैलेन्द्र तोमर व आरक्षक रवि पैंकरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रकरण के बारे में डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस अत्यंत सजग है, मनोरा क्षेत्र में 12 नग गौ-वंशों को मुक्त कराया गया है व एक गौ तस्कर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। मामले में कार्यवाही जारी है, गौ तस्करी में संलिप्त किसी को भी बख्शा नहीं जावेगा।

