World Earth Day पर पुरनानगर बना जनजागरण का केंद्र: “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से हर घर में हरियाली का संकल्प—जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए ग्रामीणों ने लिया प्लास्टिक मुक्त गांव का ऐतिहासिक प्रण

World Earth Day पर पुरनानगर बना जनजागरण का केंद्र: “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान से हर घर में हरियाली का संकल्प—जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए ग्रामीणों ने लिया प्लास्टिक मुक्त गांव का ऐतिहासिक प्रण

विश्व पृथ्वी दिवस पर पुरनानगर में जागरूकता की जगी अलख

एक पेड़ माँ के नाम से पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

जल-जंगल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त गांव का लिया संकल्प

जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत जशपुर के ग्राम पंचायत पुरनानगर में आज विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया गया। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया गया, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से अपनी माता के सम्मान में एक वृक्ष लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव को भी बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। सभी ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने और अपने गांव को हरित एवं स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि सामुदायिक सहभागिता के जरिए प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक सार्थक पहल भी सिद्ध हुआ।

 कार्यक्रम में बढ़ते जल संकट और घटते वन क्षेत्रों पर चिंता व्यक्त करते हुए जल संरक्षण और जल संचयन के प्रभावी उपायों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि जल और जंगल दोनों ही जीवन के आधार हैं, इसलिए इनके संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाना आवश्यक है। साथ ही ग्रामीणों को एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक का त्याग करने और गांव को स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिल सके। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किए। जिला समन्वयक एसबीएमजी श्री मदन प्रेमी ने स्वच्छता और पर्यावरण के परस्पर संबंधों को रेखांकित करते हुए जनभागीदारी पर जोर दिया। ग्राम सरपंच श्रीमती प्रतिमा भगत ने पंचायत स्तर पर निरंतर पर्यावरण सुधार के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई। यूनिसेफ के प्रतिनिधि श्री शास्त्री कुमार ने आने वाली पीढ़ी के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण की आवश्यकता पर बल दिया, वहीं वन विभाग के श्री अंकित भगत ने पौधारोपण की वैज्ञानिक विधियों और जंगलों के महत्व की जानकारी दी।

Jashpur