माड़ बचाव अभियान के अन्तर्गत थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत ग्राम बोटेर में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप.
दशकों से अलग-थलग और अछूते अबूझमाड़ के इस क्षेत्र को मिलेगा मुख्य धारा का संपर्क.
नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी के 38वीं वाहिनी, 44वीं वाहिनी, 41वीं वाहिनी, 45वीं वाहिनी, 53वीं वाहिनी और 29वीं वाहिनी ने खोला बोटेर में जन सुविधा एवं सुरक्षा कैम्प.
नारायणपुर : नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नारायणपुर पुलिस ने एक और बड़ा कदम उठाया है। “शांतिपूर्ण एवं समृद्ध नारायणपुर” के लक्ष्य को लेकर चलाए जा रहे ‘माड़ बचाव अभियान’ के तहत थाना ओरछा क्षेत्र के घोर नक्सल प्रभावित ग्राम बोटेर में नया सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है। इस कैंप के शुरू होने से आसपास के कई गांवों में सुरक्षा के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुल गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा नक्सल मुक्त सशक्त बस्तर की कल्पना को साकार रूप देने हेतु क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाओ’’ अभियान संचालित किया जा रहा है। साथ ही अबूझमाड़ में लगातार नवीन कैम्प स्थापित करते हुए सड़क, पुल-पुलिया निर्माण सहित अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं को अंदरूनी गांव तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
इसी कड़ी में थाना ओरछा के ग्राम बोटेर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों एवं कांदुलनार – ओरछा-एडजुम-इडवाया-आदेर-कुडमेल-बोटेर-दिवालूर-कुमनार एक्सिस तक सड़क निर्माण कार्य में सुरक्षा प्रदान करने एवं विकास कार्यो में सहयोग पहुंचाने के उद्देश्य से दिनांक 09 मार्च 2026 को नारायणपुर पुलिस ने घोर नक्सल प्रभावित माड़ क्षेत्र माओवादियों के आश्रय स्थल ग्राम बोटेर में नवीन कैम्प स्थापित किया गया है। ग्राम बोटेर में नवीन कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी उत्साह एवं सुरक्षा का माहौल बना हुआ है। नवीन कैम्प बोटेर थाना ओरछा क्षेत्रान्तर्गत स्थित है तथा जिला मुख्यालय नारायणपुर से 90 किलोमीटर थाना ओरछा से 30 किलोमीटर, आदेर से 15 किलोमीटर और कैम्प कुडमेल से 06 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।बोटेर में नवीन कैम्प स्थापित होने से आसपास के क्षेत्र वेरकोटी, नीचेवारा, कुरकसा, गुंडेकोट और बोटेर में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा, मोबाईल नेटवर्क कनेक्टिविटी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अब क्षेत्र में सुरक्षा के निगरानी में सड़क निर्माण सहित अन्य सुविधाओं को आम जनता तक पहुंचाये जाने में सहयोग प्रदान किया जायेगा।
दशकों से अलग थलग और अछूते अबूझमाड़ के इस क्षेत्र को मिलेगा मुख्य धारा का संपर्क। कुमनार से सोनपुर के मार्ग भैरमगढ़ (जिला बीजापुर) से सीधे सड़क कनेक्टिविटी होगी जिससे आम नागरिकों को सड़क सुविधा के माध्यम से अलग-अलग सुविधाओं के साथ आवागमन की सुलभता प्राप्त होगी।
नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2025 में नक्सलियों के अघोषित राजधानी कुतुल सहित कोडलियार, बेड़माकोटी, पदमकोट, कंडुलपार, नेलांगुर, पांगूड़, रायनार, एडजूम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, तोके, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा, लंका, परियादी, काकुर, बालेबेड़ा, कोडेनार, कोडनार, आदिनपार और मन्दोड़ा में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया गया है।
नारायणपुर पुलिस ने वर्ष 2026 में जटवर, वाड़ापेंदा, कुरसकोड़ो, हच्चेकोटी, आदनार और बोटेर में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप स्थापित किया है।
श्री पी. सुन्दराज पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर, श्री रोबिनसन गुरिया पुलिस अधीक्षक नारायणपुर, सेनानी श्री रोशन सिंह ओसवाल, 38 वीं वाहिनी आईटीबीपी, सेनानी श्री दुष्यंत राज जायसवाल, 29 वीं वाहिनी आईटीबीपी, सेनानी श्री राजीव गुप्ता, 45 वीं वाहिनी आईटीबीपी, सेनानी श्री मुकेश कुमार, 44 वीं वाहिनी आईटीबीपी, सेनानी श्री संजय कुमार, 53 वीं वाहिनी आईटीबीपी, सेनानी श्री नरेंद्र सिंह, 41 वीं वाहिनी आईटीबीपी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अक्षय प्रमोद साबद्रा, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी श्री अभिषेक केसरी, उप पुलिस अधीक्षक श्री मनोज मंडावी, उप पुलिस अधीक्षक श्री आशीष नेताम, उप पुलिस अधीक्षक श्री अविनाश कंवर, उप पुलिस अधीक्षक श्री कुलदीप बंजारे, उप पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद किशोर खलखो, उप पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार सिंह और रक्षित निरीक्षक सोनू वर्मा के नेतृत्व एवं निर्देशन में नवीन कैम्प स्थापना में नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और बस्तर फॉईटर एवं आईटीबीपी के 38वीं वाहिनी, 44वीं वाहिनी, 41वीं वाहिनी, 45वीं वाहिनी, 53 वीं वाहिनी और 29वीं वाहिनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

