कुनकुरी : मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम स्नान से रोके जाने की घटना को लेकर जशपुर जिले की राजनीति में उबाल आ गया है। नगर पंचायत सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से नगर पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता विनयशील ने भाजपा एवं उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे और गंभीर आरोप लगाते हुए इसे न केवल धार्मिक भावनाओं का अपमान, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकारों पर सीधा प्रहार बताया।
नगर पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेसी नेता विनयशील ने आज नगर पंचायत के सभाकक्ष में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। प्रेस वार्ता में मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ उत्तर प्रदेश में हुई कथित घटना को लेकर भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया। इस पत्रकार वार्ता में सर्व ब्राह्मण समाज कुनकुरी के अध्यक्ष दीपक मिश्रा एवं मेहूल जैन भी उपस्थित रहे।
प्रेस वार्ता को सर्वप्रथम संबोधित करते हुए सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ब्राह्मण समाज से आते हैं, इसके बावजूद उनके साथ भाजपा सरकार द्वारा सौतेला व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम स्नान के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शंकराचार्य को रास्ते में रोक दिया गया और उन्हें स्नान करने से वंचित कर दिया गया। दीपक मिश्रा ने सरकार की दोहरी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस घटना से पूरे ब्राह्मण समाज में आक्रोश है। उन्होंने इस प्रकरण में शामिल दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की मांग की।
नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने अनुसार धर्म मानने और आचरण करने का अधिकार देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पहले अन्य धर्मों के लोगों को प्रताड़ित करती रही है और अब उसने हिंदू धर्म के संतों तक को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
विनयशील ने कहा कि मौनी अमावस्या जैसे पवित्र अवसर पर एक शंकराचार्य को संगम स्नान से रोकना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय जनता पार्टी का हिंदू धर्म से कोई वास्तविक सरोकार नहीं है, बल्कि वह धर्म का उपयोग केवल राजनीतिक लाभ के लिए करती है।
उन्होंने आगे कहा कि जो संत भाजपा की इस राजनीतिक सोच और चरित्र को उजागर करता है, उसके खिलाफ भाजपा अभियान चलाकर विरोध करती है। भाजपा यह तय नहीं कर सकती कि कौन हिंदू है और कौन नहीं।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने सभी समाजों से अपील की कि वे भाजपा की इस मंशा को समझें और इसका सामूहिक रूप से विरोध करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धीरे-धीरे विभिन्न धर्मों के बीच घुसपैठ कर उन्हें आपस में बांटने और अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में भी विनयशील ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस हर मंच पर धर्म की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।

