सूरजपुर में नये आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, युवाओं व छात्रों की बढ़ी भागीदारी.

सूरजपुर में नये आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, युवाओं व छात्रों की बढ़ी भागीदारी.

डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने बताया कि नए कानूनों की प्रदर्शनी में प्रतिदिन काफी संख्या में छात्र व नागरिकगण, अधिवक्ता, अधिकारी-कर्मचारी प्रदर्शनी देखने आ रहे हैं, जिनमें स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय के छात्र, जनप्रतिनिधिगण, पंचायत सदस्य और महिला प्रतिनिधि शामिल हैं। यह प्रदर्शनी नए कानूनों की बारीकियों को समझने में मददगार है और अपने अधिकार क्या है उससे अपडेट रहने का अवसर प्रदान करता है कि किस प्रकार सुधारित आपराधिक कानून भारत में पुलिसिंग, जांच और न्यायिक प्रक्रियाओं को नया रूप दे रहे हैं। प्रदर्शनी में आपराधिक न्याय प्रणाली के संचालन का एक इंटरैक्टिव दृश्य प्रस्तुत करता है।

चौकी प्रभारी बसदेई योगेन्द्र जायसवाल ने स्कूली बच्चों को नागरिकों को बताया कि इन कानूनों की सफलता न केवल पुलिस द्वारा उनके कार्यान्वयन पर निर्भर करती है, बल्कि नागरिकों की जागरूकता और सहयोग पर भी निर्भर करती है।‘ उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी लोगों को नए कानूनों की प्रति जागरूकता, उनके अधिकारों और ज़िम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करके इस अंतर को पाटने में मदद कर रही है।

चौकी प्रभारी सलका उमेश्वरपुर संजय सिंह यादव ने छात्रों, नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को महिलाओं और बच्चों के लिए अलग कानून, डिजिटल अपराध और फॉरेंसिक जांच से जुड़े नए नियम बताते हुए कहा कि अब पुलिस, न्याय पालिका, जेल और अभियोजन को ऑनलाइन जोड़ा गया है। सभी मामलों की वीडियोग्राफी सुनिश्चित की गई है। सात साल से अधिक पुराने मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से युवा, नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी सभी नए कानूनों के महत्व और सकारात्मक बदलावों को समझ पा रहे हैं।

प्रदर्शनी में चौकी प्रभारी खड़गवां रघुवंश सिंह ने आगंतुकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उन्हें जानकारी दे रहे हैं कि नए कानूनों के प्रावधानों, सुधारों का मुख्य उद्देश्य त्वरित न्याय प्रदान करना और कानूनी ढांचे में जनता का विश्वास मजबूत करना है।

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