कुनकुरी में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान और नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म पर कार्यशाला, दीनदयाल जयंती संग संगोष्ठी, आत्मनिर्भर भारत और नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म पर भव्य कार्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर हुआ मंथन.

कुनकुरी में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान और नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म पर कार्यशाला, दीनदयाल जयंती संग संगोष्ठी, आत्मनिर्भर भारत और नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म पर भव्य कार्यक्रम, दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर हुआ मंथन.

मंगल भवन कुनकुरी में भारतीय जनता पार्टी जिला जशपुर की ओर से आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान, नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म पर जिला स्तरीय कार्यशाला तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर संगोष्ठी का संयुक्त आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला महामंत्री मुकेश शर्मा ने प्रस्तावना रखते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य एवं विषय-वस्तु पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। हमें अपने-अपने क्षेत्र में उत्पादन, सेवा और रोजगार के अवसर बढ़ाकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देना चाहिए।

पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद ने आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पर विस्तृत उद्बोधन देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मूल मंत्र है – “लोकल को ग्लोबल बनाना” हमें अपने पारंपरिक व्यवसायों, लघु उद्योगों और कृषि आधारित उद्यमों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर वैश्विक स्तर तक पहुंचाना होगा। आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक मजबूती नहीं बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण भी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, किसानों को तकनीक से जोड़ना, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना इस अभियान के अहम हिस्से हैं।

जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों पर विस्तृत उद्बोधन देते हुए कहा कि उपाध्याय जी का एकात्म मानववाद’ आज भी राष्ट्र निर्माण का आधार है। उनका मानना था कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। रायमुनी भगत ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी का दर्शन हमें यह सीख देता है कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज सेवा है। आज देश जिस प्रकार आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर है, यह पं. दीनदयाल के अंत्योदय’ के सिद्धांत को ही साकार कर रहा है।

सरगुजा संभाग प्रभारी एवं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडेय ने नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म पर अपने उद्बोधन को विस्तार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का दृष्टिकोण हमेशा दूरदर्शी रहा है। किसी भी बड़े आर्थिक सुधार को लागू करने से पहले वर्षों तक उसका गहन अध्ययन और अभ्यास किया जाता है, ताकि उसका लाभ दीर्घकालिक रूप से देश को मिले। उन्होंने कहा “जैसे नोटबंदी से देश में आतंकवाद और नकली नोटों की कमर टूटी, काले धन पर प्रहार हुआ और डिजिटलीकरण को बल मिला, उसी तरह जीएसटी लागू करने से पहले केंद्र सरकार ने वर्षों तक इसके हर पहलू पर गहन मंथन किया। अब सरकार अगली पीढ़ी यानी नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म की दिशा में आगे बढ़ रही है, जो न केवल व्यापारियों के लिए सरल और पारदर्शी होगा बल्कि आम उपभोक्ता को भी राहत देगा।”

उन्होंने कहा कि जीएसटी के पिछले कुछ वर्षों में मिले अनुभव के आधार पर अब सरकार कर ढाँचे को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। करदाताओं के लिए फेसलेस स्क्रूटनी, रियल टाइम डेटा मॉनिटरिंग, और फ्रॉड डिटेक्शन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अगले चरण का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इससे न केवल सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी बल्कि ईमानदार करदाताओं को त्वरित सेवाएं मिलेंगी।

राजा पांडेय ने आगे कहा कि इन सुधारों से व्यापारियों को अनावश्यक कागजी कार्यवाही से मुक्ति मिलेगी और देश की आर्थिक व्यवस्था और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं निवेशक अनुकूल बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म आने वाले समय में भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा।

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