मृतक की बहन की रिपोर्ट पर पुलिस ने किया था केस दर्ज, माह फरवरी में हुई थी, मृतक की हत्या, आरोपी की धमकी से डर गए थे मृतक के परिजन, कर रहे थे अंतिम संस्कार की तैयारी.
आरोपी के भय से परिजन मामले के संबंध में नहीं बता रहे थे पुलिस को, पीएम रिपोर्ट व फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर हुआ था हत्या का खुलासा.
पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके से काम करते हुए सुलझाया मामले को, आरोपी सुखनंदन को किया गिरफ्तार.
आरोपी सुखनंदन भूंइहर, उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम पतराटोली, सराईटोली, चौकी कोतबा, जिला जशपुर (छग) के विरुद्ध चौकी कोतबा में हत्या के लिए बीएनएस की धारा 74,103(1),351(3) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध,
नाम मृतक – विनोद भूंइहर, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम पतराटोली, सराईटोली, चौकी कोतबा, जिला जशपुर (छग).
जशपुर. 29 अगस्त 2025 : जशपुर जिले के चौकी कोतबा क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मृतक की बहन की रिपोर्ट पर शुरू हुई जांच ने बड़ा खुलासा किया। फरवरी माह में हुई इस हत्या को परिजन आरोपी के भय से छुपा रहे थे और अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। लेकिन डॉक्टर की पीएम रिपोर्ट और फोरेंसिक टीम की जांच ने मौत को हत्या साबित किया। पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके से जांच कर आरोपी सुखनंदन भूंइहर (29 वर्ष) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थिया श्रीमती विमला प्रधान, उम्र 48 वर्ष, निवासी ग्राम पंडरीडीपा, थाना सुंदरगढ़, जिला सुन्दरगढ़ (उड़ीसा) जो कि मृतक विनोद भूंइहर की बहन है, के द्वारा दिनांक 26 फरवरी 2025 को चौकी कोतबा में रिपोर्ट दर्ज कराया गया था कि उसकी बहन के द्वारा फोन कर उसे सूचना दिया गया था कि भाई की मृत्यु हो गई है। जिस पर वह अपने परिजनों के साथ, अपने भाई मृतक विनोद भूंइहर के गांव, चौकी कोतबा क्षेत्रांतर्गत पतराटोली, सराईकोना आई और देखा कि उसका भाई मृतक विनोद भूंइहर बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़ा है, उसके सिर में चोट लगा है, जिससे खून निकल रहा था, उसके कपड़े व हाथ से भी खून निकल रहा था तथा घर वाले मृतक की अंतिम क्रियाक्रम की तैयारी कर रहे थे। अपने भाई की मृत्यु के कारण के संबंध में अपने भाई की पत्नी से पूछने पर उसके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जा रही थी, जिस पर प्रार्थिया को अपने भाई मृतक विनोद भूंइहर की मृत्यु के संबंध में संदेह होने पर, उसके द्वारा चौकी कोतबा में रिपोर्ट दर्ज कराया गया।
रिपोर्ट पर चौकी कोतबा पुलिस के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मर्ग कायम करते हुए ग्राम पतराटोली, सराईकोना जाकर, मृतक विनोद भूंइहर के घर में शव का पंचनामा किया गया, प्रथम दृष्टिया मामला संदेहास्पद प्रतीत होने पर, पुलिस के द्वारा, डॉक्टर से शव का पोस्ट मार्टम कराया गया व फोरेंसिक टीम की भी मदद ली गई।
डॉक्टर की पीएम रिपोर्ट व फोरेंसिक टीम रिपोर्ट के आधार पर ज्ञात हुआ कि मृतक विनोद भूंइहर की मृत्यु स्वाभाविक नहीं थी, उसकी मृत्यु किसी व्यक्ति के द्वारा चोट पहुंचाने के कारण हुई थी। जिस पर पुलिस के द्वारा चौकी कोतबा में हत्या के लिए बीएनएस की धारा 74,103(1),351(3) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया।
चूंकि आरोपी अज्ञात था अतः विवेचना के दौरान पुलिस के द्वारा लगातार, परिजनों, आस पड़ोस, रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही थी, कि मृतक विनोद भूंइहर की किसी से कोई दुश्मनी तो नहीं थी, मगर सभी के द्वारा मामले के संबंध में अनभिज्ञता जताई जा रही थी। यहां तक कि मृतक की पत्नी से भी मृतक की मौत के संबंध में जानकारी नहीं मिल पा रही थी। पुलिस के द्वारा मृतक की हत्या के अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही थी, साथ ही गांव में अपने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया था। इसी दौरान पुलिस को मुखबीर से ज्ञात हुआ कि मृतक विनोद भूंइहर का गांव के ही एक संदेही सुखनंदन भूंइहर से मृत्यु से पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था व जिसके सम्बन्ध में किसी को बताने पर संदेही सुखनंदन भूंइहर के द्वारा मृतक की पत्नी व बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी गई है।
जिस पर पुलिस के द्वारा मृतक की पत्नी तिजो बाई को विश्वास में ले कर पूछताछ करने पर, मृतक की पत्नी ने बताया कि 25 फरवरी 2025 को गांव से सरपंच बनने की खुशी में गांव वालों के द्वारा डी.जे. लगाया गया था। डी.जे. देखने, सुनने व नाचने, मृतक विनोद भूंइहर अपनी पत्नी तिजो बाई व अपनी बेटी तथा बेटा के साथ गया था। डीजे देखने के बाद मृतक विनोद भूंइहर, अपनी पत्नी तिजो बाई व बेटी साथ, शाम करीबन 8:00 बजे वापस लौट रहा था, तभी रास्ते में गांव का आरोपी सुखनंदन भूंइहर उम्र 29 वर्ष, मिला व मृतक विनोद भूंइहर की पत्नी से छेड़छाड़ करने लगा। मृतक के द्वारा आरोपी सुखनंदन को छेड़ने से मना करने पर सुखनंदन भूंइहर के द्वारा मृतक विनोद भूंइहर से हाथ, मुक्का, लात से मारपीट की गई थी व मृतक के सिर को सीसी रोड पर जोर-जोर से पटका गया था। मृतक के घायल होने पर आरोपी सुखनंदन भूंइहर के द्वारा, मृतक की पत्नी तेजी बाई व बेटी के साथ मिलकर, मृतक विनोद भूंइहर को घर लाए थे, जहां रात्रि 09:00 बजे मृतक विनोद भूंइहर की मृत्यु हो गई थी। आरोपी सुखनंदन भूंइहर के द्वारा मृतक की पत्नी व बेटी को घटना के संबंध में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिससे वे भयभीत हो गए थे।
पुलिस के द्वारा मामले के आरोपी सुखनंदन भूंइहर उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम पतराटोली, सराईकोना चौकी कोतबा को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर, उसके द्वारा अपराध स्वीकार करने व पर्याप्त अपराध सबूत पाए जाने पर विधिवत गिरफ्तार कर 28 अगस्त 2025 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस प्रकरण की कार्यवाही व आरोपी की गिरफ्तारी में चौकी प्रभारी कोतबा उपनिरीक्षक बृजेश यादव, आरक्षक बूटा सिंह, आरक्षक अभय चौबे, आरक्षक सुशील तिर्की, आरक्षक निर्मल नाग व आरक्षक अमित साय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रकरण के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से कोतबा क्षेत्र में हुए एक हत्या के प्रकरण को सुलझाते हुए, आरोपी को गिरफ्तार कर, न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है।

