जप्त हथियार – 01 नग लोहे का धारदार चाकू.
नाम आरोपी – मंथन दुबे पिता धर्मेन्द्र दुबे उम्र 25 वर्ष निवासी खमतराई निखील आश्रम आवास ब्लाक-ई मकान नं. – 24 थाना सरकण्डा जिला बिलासपुर छ.ग.
थाना सिटी कोतवाली जिला बिलासपुर (छ.ग.) में आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक – 378/25 धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत गिरफ्तार कर की गई कार्यवाही.
बिलासपुर. 30 जुलाई 2025 : बिलासपुर के शनिचरी बाजार स्थित वाल्मीकि चौक पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक युवक ने धारदार चाकू लहराकर आने-जाने वाले लोगों को डराना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मंथन दुबे को मौके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक लोहे का धारदार चाकू बरामद किया गया। दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहने पर उसके विरुद्ध धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही की गई। पुलिस की तत्परता से क्षेत्र में शांति बनी रही और आमजन ने राहत की सांस ली।
प्रकरण की मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 29 जुलाई 2025 को मुखबीर के मोबाईल से सूचना मिली थी कि मंथन दुबे के द्वारा शनिचरी बाजार वाल्मिकी चौक के पास चौक में एक धारदार लोहे का चाकू को लेकर लहराते हुए आने जाने वाले लोगों डरा धमका रहा है। जिसकी मुखबीर की सूचना से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री राजेन्द्र जायसवाल एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ बघेल को अवगत कराया गया।
जिनके द्वारा तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश पर थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा दबिश देकर आरोपी मंथन दुबे पिता धर्मेन्द्र दुबे उम्र 25 वर्ष निवासी खमतराई निखील आश्रम आवास ब्लाक-ई मकान नं.-24 थाना सरकण्डा जिला बिलासपुर छ.ग को पकड़ा गया। जिसके पास से लोहे का धारदार एक चाकू मिला, जिसके संबंध में धारा 94 बी.एन. एस.एस के नोटिस दस्तावेज पेश करने हेतु दिया गया। जिसके उपरांत नोटिस पर कोई दस्तावेज नहीं होना बताये जाने पर आरोपी का कृत्य अपराध धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट का घटित करना पाये जाने से आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक – 378/25 धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत आरोपी को गिरफ्तार कर कार्यवाही की गई है।
इस प्रकरण की कार्यवाही में निरीक्षक थाना प्रभारी विवेके कुमार पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक भोलेनाथ तिवारी, हमराह स्टॉफ आरक्षक रत्नाकर सिंह राजपूत एवं आरक्षक राधारमण का विशेष योगदान रहा है।

