लाल बहादुर शास्त्री और राजनारायण के साथ नैनी जेल में रहे बिलासपुर के प्रो. बाल चंद्र जैन, 26वीं पुण्यतिथि पर सेनानी परिवारों ने किया भावपूर्ण स्मरण.

लाल बहादुर शास्त्री और राजनारायण के साथ नैनी जेल में रहे बिलासपुर के प्रो. बाल चंद्र जैन, 26वीं पुण्यतिथि पर सेनानी परिवारों ने किया भावपूर्ण स्मरण.

तीन बार जेल, आजादी की लड़ाई और शास्त्री जी का साथ… कौन थे बिलासपुर के प्रो. बाल चंद्र जैन, जिनकी 26वीं पुण्यतिथि पर फिर जाग उठीं बलिदान की यादें ?

प्रो.बाल चंद्र जैन जी ने लाल बहादुर शास्त्री जी, राजनारायण के साथ नैनी में काटी जेल.

सेनानियों की पुण्य-तिथी मना उत्तराधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि.

बिलासपुर : देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले ऐसे अनेक नायक रहे, जिनकी कुर्बानियों और राष्ट्रभक्ति की गाथाएं आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। बिलासपुर के प्रो. डॉ. बाल चंद्र जैन भी ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में तीन बार जेल की यातनाएं सहीं और नैनी जेल में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री तथा राजनारायण के साथ समय बिताया। उनकी 26वीं पुण्यतिथि पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन ने उनके त्याग, संघर्ष और राष्ट्रसेवा को याद कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार संगठन बिलासपुर छत्तीसगढ़ द्वारा नवंबर माह के प्रथम रविवार में पुण्य तिथी वाले राष्ट्रीय जन चेतना के संवाहक श्रद्धेय स्व. डॉ. बाल चंद्र जैन जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डालते हुये चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने कहा कि भारत को भारत गढ़ने वाले अमर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान की गाथा वर्तमान पीढ़ी को स्मरण कराने की ज़रूरत है। कार्यक्रम संयोजक पूर्व विधायक चन्द्र प्रकाश बाजपेयी ने बतलाया 10 मिनट स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के नाम कार्यक्रम के तहत नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी परिवार के सदस्य आज अभा स्वतंत्रता संग्राम उत्तराधिकारी परिवार समिति के राष्ट्रीय महासचिव श्री जितेंद्र रघुवंशी जी, छग प्रदेश अध्यक्ष मुरली खंडेलवाल जी के निर्देशानुसार नगर के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय जनचेतना के संवाहक एस. बी. आर. कालेज के प्रो. डॉ. बाल चंद्र जैन जी की 26 वीं पुण्यतिथी पर उनके त्याग बलिदान को स्मरण कर किया गया। यह आयोजन स्थानीय महामाया चौक राजेश, राकेश जैन जी के निवास में आयोजित किया गया। उनके बेटे राजेश जैन ने बतलाया कि 14 अक्टूबर को जन्मे पिताश्री प्रो.बाल चंद्र जैन ने देश की आजादी आंदोलन में तीन बार जेल का,टी नैनी जेल में स्व. लाल बहादुर शास्त्री एवं स्व. राजनारायण जी के साथ जेल में रहे, बचनपन से ही क्रांतिकारी रहे श्री जैन बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से दर्शन शास्त्र में एमए एवं पीएचडी की, उनके महात्मा गांधी, मदन मोहन मालवीय, चंद्र शेखर आजाद, लाल बहादुर शास्त्री जी से अच्छे संबंध रहे। नवंबर 2001 में उनका देहांत हो गया। 1951 में एस बी आर बिलासपुर में दर्शन शास्त्र के प्रोफ़ेसर से अपनी  यात्रा प्रारम्भ कर यहीं बस गये।

सबसे पहले ठीक 10:00 बजे राष्ट्रीय ध्वज वंदन कर छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर एक स्वर से राज्यकीय गान अरपा पैरी के धार, वंदे मातरम्, ध्वजगीत एवं राष्ट्र गान का गायन कर महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। सभी ने राष्ट्रनिर्माण, चरित्रनिर्माण, जन सेवा, वृक्षारोपण, शिक्षा में भूमिका एवं अरपा नदी में सफाई पर विस्तार से चर्चा की।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुये संरक्षक बाबा ई रमेंद्रराव, ज़िला अध्यक्ष डॉ. शकुंतला जितपुरे, कोषाध्यक्ष इंदर टहलियानी, सचिव सोनम साहू, संरक्षक अनिल तिवारी, महिला प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उषा किरण बाजपेयी, प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष सौमित्र तिवारी, डॉ. मधुलिका सिंह, निवेदिता सरकार ने विस्तार से सेनानियों की स्मृति पर चर्चा की।

महिला प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उषाकिरण बाजपेयी ने सब की सहमति से श्रीमती जया जैन जी को जिला महिला अध्यक्ष नियुक्त कर श्रीफल साल से सम्मान किया।

बैठक में नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के उत्तराधिकारी परिवार के सदस्य सर्व श्री डॉ. शकुंतला जितपुरे, ई रमेंद्र बाबा राव, श्रीमती वाणी राव, चन्द्र प्रकाश बाजपेयी, इंदर टहलियानी, अनिल तिवारी, डॉ. मधुलिका सिंह, रमाकान्त शुक्ला, अशोक तिवारी, रमेश श्रीवास, के. के. वर्मा, श्रीमती श्वेता पांडेय, आशीष खंडेलवाल, ध्रुव कुमार भाँगे, आर के जैन, जया जैन, निवेदिता सरकार, गरिमा सराफ, लक्ष्मी नाथ देवांगन, राजेंद्र कुमार सोनी, श्रीमती कुसुम लता सोनी, श्रृष्टि देवांगन, अदिति तिवारी, सुमन जैन, संगीता जैन, मयंक जैन, दिव्या जैन, आशुतोष सिंह, दीक्षा सिंह, भावया सिंह सहित काफ़ी संख्या में सेनानी परिवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन चन्द्र प्रकाश बाजपेयी एवं आभार श्रीमती जया जैन ने व्यक्त किया। जल पान उपरांत सभा विसर्जित हुई, अब अगली बैठक 6 दिसम्बर को महान सेनानी परिवार ठाकुर छेदी लाल बैरिस्टर जी के निवास दयालबंद में होगी।

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