शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक ने उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की समीक्षा की
उद्यानिकी खेती से समृद्धि की राह, किसानों को आधुनिक तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह
जिले के लगभग 95 प्रगतिशील किसानों के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुई चर्चा
जशपुर : छत्तीसगढ़ राज्य शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राजेंद्र नायक एवं बोर्ड के सदस्यों ने गुरुवार को जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान शासकीय उद्यान रोपणी गम्हरिया का निरीक्षण किया। इसके पश्चात जिला पंचायत सभाकक्ष में उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जिले के प्रगतिशील किसानों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं उनके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिले के लगभग 95 प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। बैठक में श्री नायक ने कहा कि उद्यानिकी के क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए आवश्यक है कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे तथा उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत पद्धतियों और फसल विविधीकरण को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने किसानों को उद्यानिकी फसलों के माध्यम से आय के नए अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर बोर्ड के सदस्य श्री बसंत पटेल, श्री प्रेमलाल पटेल, श्री संतोष पटेल एवं श्री ललित यादव सहित उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक श्री करण सोनकर एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में सहायक संचालक उद्यान द्वारा जिले में संचालित राज्य पोषित योजनाओं, राष्ट्रीय बागवानी विकास मिशन, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-पाम एवं राष्ट्रीय बांस मिशन सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। इस दौरान योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किसानों, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति तथा उनके माध्यम से किसानों को मिल रहे लाभों पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री नायक ने जिले में उद्यानिकी विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को उनकी भूमि एवं क्षेत्र की जलवायु के अनुरूप उपयुक्त उद्यानिकी फसलों के चयन के लिए निरंतर प्रोत्साहित करें। साथ ही किसानों को विभागीय योजनाओं का नियमानुसार लाभ दिलाने और उत्पादित फसलों के लिए उचित बाजार एवं बेहतर विपणन व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
आधा एकड़ में 3 लाख का उत्पादन, जशपुर के किसानों ने बताई उद्यानिकी खेती की सफलता
बैठक में जिले के किसानों ने उद्यानिकी खेती से प्राप्त अपनी सफलताओं और अनुभवों को साझा किया। जशपुर के कृषक श्री विजय शंकर महान ने शेडनेट हाउस के माध्यम से मात्र आधा एकड़ भूमि में टमाटर की खेती कर 70 से 80 हजार रुपये की लागत में लगभग 3 लाख रुपये तक का उत्पादन प्राप्त करने की जानकारी दी। वहीं कृषक श्री बसंत यादव ने स्वयं जैविक खाद तैयार कर फसलों में उपयोग करने तथा इसके सकारात्मक परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जैविक खाद के उपयोग से उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर हुई है और बाजार में भी उनकी अच्छी मांग है। इसी प्रकार कृषक श्री अरुण प्रसाद साहू ने 5 एकड़ में मिर्च की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की जानकारी दी। इसके साथ ही वे शंकरकंद और स्ट्रॉबेरी की खेती भी सफलतापूर्वक कर रहे हैं।
फसल विविधीकरण और अंतरवर्तीय खेती को बढ़ावा देने पर जोर
श्री नायक सहित बोर्ड के सदस्यों ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने और फसल विविधीकरण के माध्यम से आय के नए अवसर विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने अंतरवर्तीय खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए ऑयल पाम के साथ इंटरक्रॉपिंग के रूप में टमाटर, खीरा और मिर्च जैसी फसलें लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। बड़े फलदार पौधों की छाया में हल्दी और अदरक जैसी छाया-प्रिय फसलों की खेती करने की सलाह दी। उन्होंने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में नियमित रूप से किसानों के साथ बैठकें आयोजित करें। प्रत्येक क्षेत्र में हर सप्ताह कम से कम दो बैठकें आयोजित कर शासन की योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ लेकर उद्यानिकी खेती को अपनाएं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकें।

