कंडोरा में उमड़ा जनसैलाब! दशई करम महोत्सव में 60 हजार से अधिक समाजजनों का जुटान, प्रकृति पूजा के साथ रक्तदान कर युवाओं ने दिया मानवता का संदेश

कंडोरा में उमड़ा जनसैलाब! दशई करम महोत्सव में 60 हजार से अधिक समाजजनों का जुटान, प्रकृति पूजा के साथ रक्तदान कर युवाओं ने दिया मानवता का संदेश

कंडोरा में भव्य दशई करम महोत्सव का आयोजन, 60 हजार से अधिक समाजजन हुए शामिल

प्रकृति पूजा और रौतिया समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का दिखा भव्य स्वरूप, छत्तीसगढ़ सहित झारखंड एवं ओडिशा से उमड़ा जनसैलाब

कुनकुरी : रौतिया समाज द्वारा आज 22 अक्टूबर एकादशी के दिन कंडोरा में भव्य दशई करम महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रकृति पूजा, पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक एकता को समर्पित इस महोत्सव में छत्तीसगढ़ सहित झारखंड, ओडिशा एवं अन्य क्षेत्रों से 60 हजार से अधिक समाजजनों की सहभागिता रही। महोत्सव में पारंपरिक रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकजुटता का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पाण्डेय एवं सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री चिंतामणि महाराज उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न जनजातीय एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और मातृशक्ति ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

रौतिया समाज की परंपराएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर : संतोष पाण्डेय

मुख्य अतिथि सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि रौतिया समाज अनादिकाल से प्रकृति पूजक रहा है और अपनी वैभवशाली परंपराओं एवं समृद्ध संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखा है। प्रकृति के महापर्व करम पूजा के अवसर पर इतनी विशाल संख्या में समाजजनों का एकत्रित होना इसी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और सामाजिक एकता का परिणाम है। उन्होंने समाज की परंपराओं को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया।

करम महोत्सव जनजातीय संस्कृति और एकता का जीवंत उदाहरण : चिंतामणि महाराज

सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि सरगुजा अंचल के जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और करम पूजा की सांस्कृतिक महत्ता ने पूरे छत्तीसगढ़ को इस पर्व से जोड़ा है। रौतिया समाज द्वारा आयोजित भव्य दशई करम महोत्सव इसका जीवंत उदाहरण है। इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों से समाजजनों की विशाल भागीदारी हमारी सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक आस्था और सामाजिक एकता को प्रदर्शित करती है।

छत्तीसगढ़ सहित झारखंड और ओडिशा से पहुंचे समाजजन

महोत्सव में जशपुर के अलावा सरगुजा, सूरजपुर, कोरबा, सक्ती और रायगढ़ सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से समाजजन पहुंचे। इसके साथ ही झारखंड, ओडिशा एवं अन्य प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। आयोजन में रौतिया समाज के अतिरिक्त बस्तर के अमनित भतरा समाज, कोरवा समाज, उरांव समाज सहित अन्य समाजों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिसने कार्यक्रम को व्यापक सामाजिक सहभागिता का स्वरूप प्रदान किया।

समाज के पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर रौतिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमनरायण सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष श्री प्रताप सिंह प्रधान, सचिव श्री पालूराम प्रधान, कोषाध्यक्ष श्री बजरंग राम, जिला अध्यक्ष श्री रंजीत सिंह, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय सिंह, सचिव श्री हेमराज सिंह, कोषाध्यक्ष श्री राहुल सिंह सहित छत्तीसगढ़, झारखंड एवं ओडिशा के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे।

दशई करम महोत्सव ने प्रकृति के प्रति श्रद्धा, पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक समरसता और समाज की एकजुटता का संदेश दिया। विशाल जनभागीदारी के साथ आयोजित यह महोत्सव रौतिया समाज की सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बना।

दशई करम महोत्सव में रक्तदान शिविर का आयोजन, युवाओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा

दशई करम महोत्सव को बहुउद्देशीय एवं जनकल्याणकारी स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से रौतिया समाज एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में समाज के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए रक्तदान कर मानव सेवा एवं जनकल्याण का संदेश दिया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को समाज एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को रक्तदान के प्रति प्रोत्साहित करना तथा समाज में स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा। प्रकृति पूजा और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ मानव सेवा को जोड़कर रौतिया समाज ने यह संदेश दिया कि सामाजिक उत्सव केवल संस्कृति के संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि जनकल्याण और जरूरतमंदों की सेवा का भी अवसर हैं।

Jashpur