बस्तर दशहरा: 23 अक्टूबर को सिरहासार भवन में ही आयोजित होगा पारंपरिक ‘मुरिया दरबार’
नाम बदलने की चर्चाएं महज अफवाह, प्रशासन ने किया स्पष्ट
जगदलपुर : विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व की सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक रस्मों में शुमार ‘मुरिया दरबार’ को लेकर बीते कुछ दिनों से चल रही तमाम अटकलों और चर्चाओं पर अब जिला प्रशासन ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आधिकारिक तौर पर बताया है कि 23 अक्टूबर को आयोजित होने वाला यह पारंपरिक दरबार अपने पूर्व निर्धारित और ऐतिहासिक स्थल यानी सिरहासार भवन में ही आयोजित किया जाएगा। वर्षों से चली आ रही इस गौरवशाली परंपरा को निभाते हुए प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि इस वर्ष भी आयोजन स्थल में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।
इसके साथ ही मुरिया दरबार का नाम बदले जाने को लेकर फैल रही खबरों को भी सिरे से खारिज करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नाम परिवर्तन की बात पूरी तरह निराधार और अफवाह मात्र है। प्रशासन की ओर से वितरित किए जा रहे आधिकारिक निमंत्रण पत्रों में भी स्पष्ट तौर पर ‘मुरिया दरबार’ का ही उल्लेख किया गया है, जिससे यह साफ होता है कि सदियों पुरानी इस सामाजिक-सांस्कृतिक धरोहर के स्वरूप या पहचान से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर, बस्तर दशहरा के पावन अवसर पर आम जनता और आगंतुकों की सुविधा के लिए लालबाग मैदान में भव्य प्रदर्शनी और आमसभा का आयोजन किया जा रहा है, ताकि दोनों कार्यक्रम अपनी-अपनी गरिमा और स्वरूप के साथ सुगमता से संपन्न हो सकें। प्रशासन ने जनसामान्य से किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों और अपुष्ट अफवाहों पर ध्यान न देने का अनुरोध किया है।

