महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त से मानकुंवर को मिली राहत, बच्चों की कॉपी-पेन से लेकर घर की जरूरतों तक ऐसे कर रहीं राशि का इस्तेमाल

महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त से मानकुंवर को मिली राहत, बच्चों की कॉपी-पेन से लेकर घर की जरूरतों तक ऐसे कर रहीं राशि का इस्तेमाल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से माताओं को मिल रहा आर्थिक संबल, बच्चों की पढ़ाई के सपनों को मिल रही नई उड़ान

योजना की 32वीं किस्त मिलने से मानकुंवर के चेहरे पर आई खुशी, बच्चों के लिए खरीद रही हैं कॉपी-पेन और जरूरी शैक्षणिक सामग्री

बच्चों की शिक्षा और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही महतारी वंदन योजना

रायपुर : एक मां का सबसे बड़ा सपना होता है कि उसके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और जीवन में आगे बढ़कर अपना उज्ज्वल भविष्य बनाएं। सीमित आर्थिक संसाधनों के बीच बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल बनने के साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत लाटा के जोड़ा तालाब निवासी श्रीमती मानकुंवर मसराम की कहानी इसका एक उदाहरण है।

महतारी वंदन योजना के अंतर्गत श्रीमती मानकुंवर मसराम को 32वीं किस्त की राशि प्राप्त हुई है। योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। मानकुंवर इस राशि का उपयोग विशेष रूप से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घरेलू आवश्यकताओं के लिए करती हैं। बच्चों के लिए कॉपी, पेन और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में इस सहायता राशि से उन्हें काफी राहत मिल रही है।

बच्चों की पढ़ाई में नहीं आने देना चाहतीं संसाधनों की कमी

श्रीमती मानकुंवर मसराम बताती हैं कि हर माता-पिता की तरह उनकी भी इच्छा है कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और जीवन में आगे बढ़ें। बच्चों की पढ़ाई के लिए समय-समय पर कॉपी, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री की आवश्यकता पड़ती है। परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच इन छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करना भी महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। जब बच्चों को पढ़ाई के लिए कॉपी-पेन या अन्य आवश्यक सामग्री की जरूरत होती है, तो वह योजना से प्राप्त राशि का उपयोग कर उन्हें उपलब्ध कराती हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में सहयोग मिल रहा है और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कुछ कम हुआ है।

बच्चों की कॉपी-पेन से लेकर घर की सब्जी तक, हर जरूरत में मिल रहा सहयोग

मानकुंवर बताती हैं कि योजना से प्राप्त राशि केवल बच्चों की पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी सहायक है। वह इस राशि से घर के लिए सब्जियां एवं अन्य छोटी-मोटी आवश्यक वस्तुएं भी खरीदती हैं।

उनके लिए हर महीने मिलने वाली यह आर्थिक सहायता परिवार के खर्चों को व्यवस्थित करने का एक उपयोगी माध्यम बन गई है। बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों के बीच संतुलन बनाते हुए वह इस राशि का सदुपयोग कर रही हैं।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ बच्चों के भविष्य को भी मिल रहा संबल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि महिलाओं को अपनी व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करती है।

श्रीमती मानकुंवर मसराम की कहानी दर्शाती है कि महिलाओं को मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता का सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। जब एक मां इस राशि का उपयोग अपने बच्चों की शिक्षा और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में करती है, तो यह सहयोग आने वाली पीढ़ी के बेहतर भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त प्राप्त होने पर श्रीमती मानकुंवर मसराम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके बच्चों की पढ़ाई और परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है।

मानकुंवर की यह कहानी बताती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली छोटी-छोटी आर्थिक सहायता भी जरूरतमंद परिवारों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाला आर्थिक संबल मानकुंवर जैसी माताओं को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रयास करने में सहयोग प्रदान कर रहा है।

Chhattisgarh