म्यूल बैंक खाते खरीदने-बेचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, ऑनलाइन सट्टा के लेन-देन में खातों के उपयोग का खुलासा; 04 मोबाइल, बैंक पासबुक एवं 03 एटीएम कार्ड जप्त
थाना सुपेला पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दाऊ बाड़ा तालाब के पास कार्रवाई कर म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री में संलिप्त दो आरोपियों को हिरासत में लिया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों द्वारा आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के खातों को कम कीमत पर खरीदकर अधिक कीमत पर बेचने का कार्य करना बताया गया।
आरोपी नीरज गायकवाड़ द्वारा चार बैंक खाते ₹88,000 में खरीदकर ₹1,00,000 में सिकंदर नामक व्यक्ति को बेचने की जानकारी सामने आई।
ऑनलाइन सट्टा पैनल में रकम के लेन-देन के लिए बैंक खातों एवं क्यूआर कोड के उपयोग संबंधी जानकारी सामने आने पर पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य संकलित किए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक एवं तीन एटीएम कार्ड जप्त किए गए।
दुर्ग : दिनांक 15.10.2026 को थाना सुपेला पुलिस ने म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा के लेन-देन में खातों के उपयोग से संबंधित मामले में दो आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की। प्रकरण में अपराध क्रमांक 1552/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4) एवं 3(5) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।
दिनांक 15.10.2026 को थाना सुपेला पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि नीरज गायकवाड़ एवं उसका साथी अंशु साव कथित रूप से ऑनलाइन सट्टा के लेन-देन में उपयोग किए जाने वाले म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री कर रहे हैं तथा दोनों दाऊ बाड़ा तालाब के पास मौजूद हैं।
सूचना पर पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान उनके द्वारा बैंक खातों की खरीद-बिक्री में संलिप्तता संबंधी जानकारी दी गई।
प्रारंभिक पूछताछ में नीरज गायकवाड़ ने अंशु साव से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार खाते ₹88,000 में खरीदकर सिकंदर नामक व्यक्ति को ₹1,00,000 में बेचना बताया। इनमें से एक खाते का उपयोग स्वयं ऑनलाइन सट्टा पैनल के लेन-देन में करने तथा क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त रकम को सिकंदर द्वारा बताए गए खाते में अंतरित करने की जानकारी भी सामने आई। इसके बदले प्रतिमाह ₹25,000 प्राप्त होने की बात बताई गई है।
इसी प्रकार अंशु साव ने करण सागरिया से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार म्यूल खाते ₹80,000 में खरीदकर नीरज गायकवाड़ को ₹88,000 में बेचना बताया। पुलिस द्वारा आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित मोबाइल फोन, बैंक पासबुक एवं एटीएम कार्ड जप्त किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में आगे की विवेचना जारी है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों द्वारा अन्य व्यक्तियों से बैंक खाते अपेक्षाकृत कम कीमत पर खरीदकर अधिक कीमत पर आगे बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। इन खातों का उपयोग ऑनलाइन सट्टा से संबंधित रकम के लेन-देन में किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस द्वारा खातों के वास्तविक धारकों, लेन-देन की प्रकृति तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
घटना स्थल
दाऊ बाड़ा तालाब के पास, थाना सुपेला क्षेत्र, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़।
आरोपी का नाम
1. नीरज गायकवाड़, उम्र 25 वर्ष, निवासी कृष्णा नगर, अंबेडकर चौक, सुपेला, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
2. अंशु साव, उम्र 22 वर्ष, निवासी स्पर्श अस्पताल के पास, पुरानी बस्ती, सतनामी पारा, सुपेला, भिलाई, थाना सुपेला, जिला दुर्ग।
जप्त सामग्री
1. मोबाइल फोन – कुल 04 नग (नीरज गायकवाड़ से 02 नग एवं अंशु साव से 02 नग)।
2. बैंक पासबुक – 01 नग।
3. एटीएम कार्ड – 03 नग।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला के थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक चितराम ठाकुर, आरक्षक कमल याहू एवं मनोज सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल नंबर अथवा बैंक खाते से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। कम समय में अधिक पैसे कमाने के लालच में बैंक खाते किराये पर देना या बेचना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। यदि किसी व्यक्ति के बैंक खाते का दुरुपयोग होने की आशंका हो, तो तत्काल संबंधित बैंक एवं पुलिस को सूचना दें। ऑनलाइन सट्टा तथा संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित जानकारी पुलिस के साथ साझा कर अपराध नियंत्रण में सहयोग करें।

