लकवा पीड़ित बुजुर्गों की गुहार पर तुरंत एक्शन, CM कैंप बगिया से मिली व्हीलचेयर! गुलो बाई और 86 वर्षीय शिवचरण मिंज को मिला सहारा, मदद मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार

लकवा पीड़ित बुजुर्गों की गुहार पर तुरंत एक्शन, CM कैंप बगिया से मिली व्हीलचेयर! गुलो बाई और 86 वर्षीय शिवचरण मिंज को मिला सहारा, मदद मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार

सीएम कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित पहल से लकवा पीड़ितों को मिला सहारा, गुलो बाई और शिवचरण मिंज को प्रदान की गई व्हीलचेयर

व्हीलचेयर मिलने से चलने-फिरने में असमर्थ दोनों बुजुर्गों को मिली राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति जताया आभार

बगिया कैंप कार्यालय बना जरूरतमंदों की उम्मीद का केंद्र, रोजाना समस्याएं लेकर पहुंच रहे ग्रामीण

जशपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार सीएम कैंप कार्यालय बगिया में जरूरतमंदों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को लकवा पीड़ित दो जरूरतमंदों को तत्काल व्हीलचेयर उपलब्ध कराकर उन्हें राहत पहुंचाई गई।मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम बतनीडांड निवासी गुलो बाई, पति रुइया राम, उम्र 50 वर्ष तथा ग्राम तामासिंघा निवासी शिवचरण मिंज, पिता गिरवेल मिंज, उम्र 86 वर्ष मंगलवार को सीएम कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे थे। दोनों ने लकवाग्रस्त होने के कारण चलने-फिरने में असमर्थता जताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की मांग की थी।समस्या को गंभीरता लेते हुए सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने त्वरित पहल करते हुए दोनों जरूरतमंदों को व्हीलचेयर प्रदान की। व्हीलचेयर मिलने से उन्हें आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। तत्काल सहायता मिलने पर गुलो बाई एवं शिवचरण मिंज ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

जरूरतमंदों के लिए आशा का केंद्र बना बगिया कैंप कार्यालय

सीएम कैंप कार्यालय बगिया में प्रतिदिन ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याओं और जरूरतों को लेकर पहुंचते हैं। यहां प्राप्त आवेदनों पर पहल करते हुए जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों से लेकर दिव्यांग एवं असहाय लोगों की आवश्यकताओं तक, कैंप कार्यालय के माध्यम से लोगों को राहत पहुंचाने की पहल की जा रही है।व्हीलचेयर उपलब्ध कराने की यह पहल जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिलने का उदाहरण है। इससे उन लोगों को राहत मिली है, जिन्हें शारीरिक असमर्थता के कारण रोजमर्रा के कार्यों और आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

Jashpur