दो गायों से शुरू किया सफर, आज हर महीने 25 हजार की कमाई! नारायणपुर के रैनू राम ने सरकारी अनुदान और मेहनत से कैसे बदली अपनी तकदीर?

दो गायों से शुरू किया सफर, आज हर महीने 25 हजार की कमाई! नारायणपुर के रैनू राम ने सरकारी अनुदान और मेहनत से कैसे बदली अपनी तकदीर?

नारायणपुर के रैनू राम की स्वावलंबन गाथा

दो गायों से शुरू हुआ सफर, अब डेयरी व्यवसाय से हर महीने कमा रहे पच्चीस हजार रुपये

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई और मजबूत दिशा दे रही हैं। जब शासन की योजनाओं का सही मार्गदर्शन किसी मेहनती किसान के हाथों को थामता है, तो स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण की एक बेहतरीन इबारत लिखी जाती है। जिला नारायणपुर के ग्राम रेगांवड निवासी रैनू राम सलाम की सफलता की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जिन्होंने डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ उठाकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह सुदृढ़ किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं।

​रैनू राम अपने परिवार की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए निरंतर नए अवसरों की तलाश में थे। इसी दौरान पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को जागरूक करने और तकनीकी मार्गदर्शन देने का कार्य किया जा रहा था। विभागीय संपर्कों और जानकारी के आधार पर रैनू राम ने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के तहत आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें दो दुधारू गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए बानवे हजार दो सौ चालीस रुपये का अनुदान प्रदान किया गया।

प्रशासनिक सहयोग और वित्तीय सहायता मिलने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। विभागीय अमले के सतत मार्गदर्शन, आधुनिक पशुपालन तकनीकों और बेहतर प्रबंधन का परिणाम यह रहा कि उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ता गया। आज स्थिति यह है कि उनकी डेयरी इकाई में चार दुधारू गायें हैं, जिनसे प्रतिदिन लगभग बीस से पच्चीस लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने अपने पशुओं के लिए नियमित टीकाकरण, पौष्टिक हरे चारे की व्यवस्था और उन्नत नस्ल सुधार सेवाओं का पूरा लाभ उठाया है, जिससे दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

इस व्यवसाय की सबसे खास बात यह है कि रैनू राम केवल दूध की बिक्री तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने मूल्य संवर्धन करते हुए दही और पनीर का उत्पादन भी शुरू कर दिया, जिनकी स्थानीय बाजार में अत्यधिक मांग है। इन सभी प्रयासों का नतीजा यह निकला कि उनकी मासिक आय जो कभी दस हजार रुपये के आसपास हुआ करती थी, अब बढ़कर पच्चीस हजार रुपये तक पहुंच गई है। इस निरंतर बढ़ती आय ने उनके परिवार को आर्थिक संबल तो दिया ही है, साथ ही परिवार के पोषण और जीवन स्तर में भी अभूतपूर्व सुधार किया है।

​अपनी इस सफलता से गदगद रैनू राम सलाम छत्तीसगढ़ शासन, पशुधन विकास विभाग, जिला प्रशासन नारायणपुर और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हैं। उनका मानना है कि शासन की इन कल्याणकारी योजनाओं का सही लाभ उठाकर कोई भी ग्रामीण परिवार आसानी से आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ सकता है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, और जिले में पशुपालन व डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी  है ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।

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