धान बेचने के बाद मिले ₹50 हजार, खेती के साथ परिवार की जरूरतें भी हुईं पूरी! किसान तुलसीराम बोले—शासन की आर्थिक सहायता से बढ़ा भरोसा, गांव के युवा भी अब खेती को देख रहे आत्मनिर्भरता के अवसर के रूप में

धान बेचने के बाद मिले ₹50 हजार, खेती के साथ परिवार की जरूरतें भी हुईं पूरी! किसान तुलसीराम बोले—शासन की आर्थिक सहायता से बढ़ा भरोसा, गांव के युवा भी अब खेती को देख रहे आत्मनिर्भरता के अवसर के रूप में

सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी

खेती का खर्च संभला, परिवार की जरूरतें भी हुईं पूरी

किसान तुलसीराम बोले-शासन की सहायता से बढ़ा भरोसा, युवा भी ले रहे खेती में रुचि

बिलासपुर : धान की खेती से परिवार का भरण-पोषण करने वाले किसान तुलसीराम मनहर के लिए शासन से मिली आर्थिक सहायता खेती और घर, दोनों की जरूरतें पूरी करने में मददगार बनी है। पचपेड़ी तहसील के ग्राम खपरी बेलपान निवासी तुलसीराम लगभग 7 एकड़ भूमि में धान की खेती करते हैं। धान विक्रय के बाद मिली लगभग 50 हजार रुपये की बोनस राशि से उन्होंने खेती के जरूरी खर्चों के साथ परिवार की अन्य आवश्यकताओं को भी पूरा किया।

तुलसीराम बताते हैं कि खेती में मेहनत के साथ समय पर पैसे का इंतजाम भी जरूरी होता है। बीज, खाद और कृषि सामग्री सहित कई खर्च एक साथ आते हैं। ऐसे में शासन से मिली राशि ने उन्हें आर्थिक सहारा दिया। उन्होंने राशि का एक हिस्सा कृषि कार्यों में लगाया और शेष राशि घरेलू जरूरतों पर खर्च की। इससे खेती की तैयारी और परिवार के खर्च संभालने में मदद मिली। उनका कहना है कि किसान हितैषी योजनाओं से मिलने वाली सहायता खेती के प्रति भरोसा बढ़ाती है। समय पर आर्थिक सहयोग मिलने से किसान अपनी जरूरत के अनुसार खेती में निवेश कर पाते हैं। तुलसीराम भी इस सहायता से अपने कृषि कार्यों को बेहतर ढंग से आगे बढ़ा रहे हैं।

तुलसीराम ने बताया कि गांव के युवा भी अब खेती-किसानी में रुचि दिखा रहे हैं। वे खेती को आजीविका और आत्मनिर्भरता के अवसर के रूप में देख रहे हैं। उनके अनुसार शासन की योजनाओं से मिलने वाले सहयोग ने किसानों का उत्साह बढ़ाया है और खेती से जुड़े रहने का विश्वास मजबूत किया है। किसान हित में संचालित योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए तुलसीराम ने कहा कि किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ पूरे परिवार को मिलता है। इससे कृषि कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ घर की जरूरतें पूरी करने में भी संबल मिलता है।

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