मोबाइल छोड़ बेटियों संग किताबों की दुनिया में पहुंचे कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह: ‘अक्षरा जोन’ में किया पुस्तक अध्ययन, रायपुरवासियों से पढ़ने की संस्कृति अपनाने और स्क्रीन से दूरी बनाने की अपील

मोबाइल छोड़ बेटियों संग किताबों की दुनिया में पहुंचे कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह: ‘अक्षरा जोन’ में किया पुस्तक अध्ययन, रायपुरवासियों से पढ़ने की संस्कृति अपनाने और स्क्रीन से दूरी बनाने की अपील

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बेटियों संग अक्षरा जोन में किया पुस्तक अध्ययन, नागरिकों से पढ़ने की संस्कृति अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन की अभिनव पहल, 17 सितंबर को मुख्यमंत्री ने किया था शुभारंभ

प्रोजेक्ट ‘अक्षरा’ के अंतर्गत तेलीबांधा तालाब में निःशुल्क रीडिंग जोन का संचालन

सुबह 10 से रात 11 बजे तक नागरिकों के लिए उपलब्ध है सुविधा

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर रायपुर जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों, विशेषकर बच्चों और युवाओं में पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाने और पढ़ने की संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ की अभिनव पहल की गई है। मुख्यमंत्री साय ने 17 सितंबर को तेलीबांधा तालाब के स्प्री वॉक परिसर में बनाए गए ‘अक्षरा जोन’ का शुभारंभ किया था। आम नागरिकों के लिए 19 सितंबर से खुले इस रीडिंग जोन में कोई भी व्यक्ति निःशुल्क अपनी पसंद की पुस्तक पढ़ सकता है।

इसी पहल को जन-जन तक पहुंचाने और नागरिकों को पुस्तकों से जुड़ने का संदेश देने कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह स्वयं अपनी दोनों सुपुत्रियों के साथ अक्षरा जोन पहुंचे। उन्होंने अपना मोबाइल बाहर रखा और बेटियों के साथ बैठकर पुस्तकों का अध्ययन किया।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप जिले में ऐसी पहल की जा रही है, जिससे बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों में अध्ययन एवं पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा मिले। आज मोबाइल हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन कुछ समय मोबाइल और स्क्रीन से दूर रहकर पुस्तकों से जुड़ना भी आवश्यक है। किताबें ज्ञान बढ़ाने के साथ ही कल्पनाशक्ति, एकाग्रता और वैचारिक क्षमता को समृद्ध करती हैं। उन्होंने शहरवासियों से अक्षरा जोन का लाभ उठाने और पढ़ने की आदत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

निःशुल्क एवं सरल व्यवस्था के तहत नागरिकों के लिए उपलब्ध है अक्षरा जोन

‘अक्षरा जोन’ की सबसे खास बात इसकी सहज और निःशुल्क व्यवस्था है। यहां पुस्तक पढ़ने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। पाठक को केवल रजिस्टर में अपनी एंट्री करनी होती है। इसके बाद वह उपलब्ध पुस्तकों में से अपनी पसंद की किताब चुनकर वहीं बैठकर पढ़ सकता है। यह सुविधा प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक उपलब्ध है।

तेलीबांधा तालाब में सैर और मनोरंजन के लिए आने वाले नागरिकों के लिए अब किताबें भी आकर्षण का नया केंद्र बन रही हैं। कोई अपनी पसंद का साहित्य पढ़ सकता है तो कोई ज्ञानवर्धक पुस्तक के साथ समय बिता सकता है। बच्चों और युवाओं को भी मोबाइल स्क्रीन से अलग किताबों की दुनिया से जुड़ने के लिए यहां सहज वातावरण उपलब्ध हो रहा है।

सार्वजनिक स्थानों पर विकसित हो रही पढ़ने की संस्कृति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ के माध्यम से जिला प्रशासन का प्रयास सार्वजनिक स्थानों को ज्ञान और अध्ययन से भी जोड़ना है। तेलीबांधा तालाब जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर अक्षरा जोन की शुरुआत इसी सोच को साकार कर रही है। यह पहल शहर में ‘रीडिंग कल्चर’ विकसित करने के साथ नई पीढ़ी को मोबाइल की दुनिया से कुछ समय निकालकर पुस्तकों से दोस्ती करने के लिए प्रेरित कर रही है।

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