स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत स्वच्छता ही समृद्धि थीम पर चलाया गया सघन जागरूकता अभियान ।
“कबाड़ से जुगाड़”और प्लास्टिक रिसाइक्लिंग पर दिया गया जोर ।
बिलासपुर : रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल में “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” थीम पर 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता ही सेवा (SHS)-2026 अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करना तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना है।
इसी क्रम में 28 एवं 29 सितम्बर 2026 को “स्वच्छता ही समृद्धि” थीम के अंतर्गत बिलासपुर मंडल के विभिन्न प्रमुख स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों, वर्कशॉप, कैंटीन एवं अन्य रेलवे परिसरों में कबाड़ से जुगाड़, कबाड़ से कला तथा प्लास्टिक वेस्ट के पुनर्चक्रण से संबंधित विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं।
कबाड़ से जुगाड़-बेकार सामग्री को दिया उपयोगी रूप
इस अभियान के अंतर्गत रेलवे के अनुपयोगी एवं पुराने कबाड़, जैसे पुराने उपकरण, लोहे के टुकड़े, अनुपयोगी पुर्जे एवं अन्य धातु स्क्रैप का रचनात्मक उपयोग करते हुए उन्हें उपयोगी वस्तुओं एवं आकर्षक कलाकृतियों में परिवर्तित करने की पहल की गई ।
वर्कशॉप एवं स्टेशनों से निकलने वाले पुराने स्क्रैप से डस्टबिन, बेंच, फ्लावर पॉट, सेल्फी बोर्ड सहित अन्य उपयोगी एवं सजावटी वस्तुएं तैयार कर उन्हें रेलवे स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों एवं अन्य परिसरों में उपयोग/प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा । इससे अनुपयोगी सामग्री के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। “कबाड़ से जुगाड़” की यह पहल यह सुनिश्चित करता है कि हर अनुपयोगी वस्तु कचरा नहीं होती, बल्कि रचनात्मक सोच और उचित उपयोग के माध्यम से उसे उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है।
प्लास्टिक वेस्ट का पुनर्चक्रण
स्वच्छता अभियान के अंतर्गत प्रमुख स्टेशनों, रेलवे कैंटीन, वेंडिंग स्टॉल, रेलवे कॉलोनियों एवं अन्य परिसरों से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे के संग्रहण एवं उचित निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया गया ।
मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों के वेंडरों एवं कैंटीन संचालकों को प्लास्टिक कचरे को अलग-अलग एकत्र करने तथा उसे अधिकृत रीसाइक्लर्स तक पहुंचाने के लिए जागरूक किया गया । साथ ही स्टेशनों एवं रेलवे कॉलोनियों से एकत्रित प्लास्टिक कचरे को अधिकृत रीसाइक्लर्स/स्थानीय निकायों के माध्यम से उचित पुनर्चक्रण के लिए भेजने की व्यवस्था को मजबूत किया गया । इस पहल का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को खुले में फेंके जाने अथवा अनुचित तरीके से निस्तारित किए जाने की प्रवृत्ति को रोकना तथा “प्लास्टिक के कचरों एवं अपशिष्ट पदार्थों के बेहतर रिसाइक्लिंग” की अवधारणा को बढ़ावा देना है।


