नारायणपुर पुलिस की रिकॉर्ड व्यवस्था होगी और मजबूत, एसपी के निर्देश पर मुहर्रिर-मददगारों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

नारायणपुर पुलिस की रिकॉर्ड व्यवस्था होगी और मजबूत, एसपी के निर्देश पर मुहर्रिर-मददगारों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जिले के सभी थानों के प्रधान आरक्षक मुहर्रिर एवं मददगारों को दिया गया अभिलेख संधारण का विशेष प्रशिक्षण

रजिस्टर एवं पुलिस अभिलेखों के व्यवस्थित, अद्यतन एवं नियमानुसार संधारण पर जोर, थाना स्तर की रिकॉर्ड व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की पहल

नारायणपुर :  पुलिस अधीक्षक नारायणपुर संदीप कुमार पटेल के निर्देशानुसार थाना स्तर पर पुलिस अभिलेखों एवं रजिस्टरों के व्यवस्थित, अद्यतन एवं नियमानुसार संधारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिले के सभी थानों में पदस्थ प्रधान आरक्षक मुहर्रिर एवं मददगारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण डीएसपी राजीव शर्मा द्वारा प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान थाना स्तर पर संधारित किए जाने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण रजिस्टरों, अभिलेखों एवं दस्तावेजों के संधारण की प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सभी थानों में अभिलेख संधारण की प्रक्रिया में एकरूपता लाना तथा पुलिस कार्यवाही से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखना रहा।

विभिन्न महत्वपूर्ण रजिस्टरों के संधारण की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण में हिस्ट्री रजिस्टर एवं हिस्ट्रीशीट, निगरानी रजिस्टर, सामान्य डायरी (रोजनामचा), केस डायरी एवं अपराध रजिस्टर के संधारण की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही अपराध एवं पुलिस कार्यवाही से संबंधित प्रविष्टियों को समयबद्ध एवं सही तरीके से दर्ज किए जाने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके अलावा मर्ग एवं अप्राकृतिक मृत्यु संबंधी अभिलेख, कैशबुक, प्रकरणों की स्थिति एवं प्रगति से संबंधित रजिस्टर, तथा प्रकरणों को प्रथम सूचना रिपोर्ट से लेकर न्यायालयीन निर्णय तक व्यवस्थित रूप से ट्रैक करने की प्रक्रिया के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।

इसी क्रम में शस्त्र अनुज्ञप्ति रजिस्टर, ड्यूटी रजिस्टर, अपराध वर्गीकरण रजिस्टर तथा जप्त संपत्ति/माल-मशरूका रजिस्टर के सही संधारण की जानकारी दी गई। जप्त संपत्ति एवं प्रकरण से संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।

गिरफ्तारी एवं फरार आरोपियों से संबंधित अभिलेखों पर जोर

प्रशिक्षण के दौरान गिरफ्तारी रजिस्टर, फरार आरोपियों एवं उद्घोषित अपराधियों से संबंधित अभिलेखों के संधारण की प्रक्रिया भी समझाई गई। संबंधित रजिस्टरों में आवश्यक प्रविष्टियां समय पर किए जाने तथा अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने के महत्व से अवगत कराया गया।

डीएसपी राजीव शर्मा ने बताया कि थाना स्तर के अभिलेख पुलिस कार्यवाही की निरंतरता, जवाबदेही एवं न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण आधार होते हैं। इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि स्पष्ट, सटीक, समयबद्ध एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप किया जाना आवश्यक है।

प्रशिक्षण में रजिस्टरों एवं अभिलेखों में अनावश्यक काट-छांट से बचने, आवश्यक प्रविष्टियों को समय पर पूर्ण करने, संबंधित अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड का नियमित निरीक्षण एवं सत्यापन सुनिश्चित करने तथा अभिलेखों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

डीएसपी राजीव शर्मा ने सभी प्रधान आरक्षक मुहर्रिर एवं मददगारों को अपने-अपने थानों में रजिस्टर एवं अभिलेखों का नियमित अद्यतन, सुरक्षित एवं नियमानुसार संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम थाना स्तर की रिकॉर्ड व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित, प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।

Chhattisgarh