साइबर ठगी के पीड़ितों को राशि वापस दिलाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने हेतु GRM एवं MRM पोर्टल पर बैंक अधिकारियों की प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
रायपुर : साइबर ठगी एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने तथा ठगी की राशि की प्रभावी ढंग से वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज दिनांक 09.09.2026 को दोपहर 12:30 बजे यातायात पुलिस कार्यालय, कालीबाड़ी, रायपुर में जिले में संचालित विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों हेतु GRM (Grievance Redressal Module) एवं MRM (Money Restoration Module) पोर्टल संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
उल्लेखनीय है कि साइबर ठगी/धोखाधड़ी के मामलों में ब्लॉक किए गए बैंक खातों एवं होल्ड किए गए बैंक खातों में उपलब्ध राशि को पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया को सुगम एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा GRM एवं MRM पोर्टल की शुरुआत की गई है।
प्रशिक्षण कार्यशाला में बैंक अधिकारियों को इन पोर्टलों के माध्यम से साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों एवं प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, बैंक खातों में होल्ड/ब्लॉक की गई राशि की जानकारी, प्रकरणों के निस्तारण तथा पीड़ितों को राशि वापस किए जाने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंक स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए संबंधित जानकारी पोर्टल पर समय पर अपडेट की जाए, ताकि ठगी की राशि को सुरक्षित रखने एवं पात्र पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
प्रशिक्षण में बैंक अधिकारियों को GRM एवं MRM पोर्टल के व्यावहारिक उपयोग, प्रकरणों की निगरानी, लंबित मामलों के निराकरण तथा पुलिस एवं बैंक के बीच प्रभावी समन्वय के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध से संबंधित मामलों में बैंक स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका एवं दायित्वों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में उपस्थित बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने बैंक की शाखाओं में साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा पुलिस विभाग एवं संबंधित साइबर सेल के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें।
इस अवसर पर नागरिकों को भी साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की गई। नागरिकों से कहा गया कि वे OTP, PIN, CVV, UPI PIN, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें तथा संदिग्ध लिंक, कॉल, मैसेज एवं ऑनलाइन निवेश संबंधी प्रस्तावों से सावधान रहें।
साइबर ठगी की घटना होने पर नागरिकों से बिना विलंब 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देने तथा संबंधित साइबर अपराध पोर्टल/पुलिस को शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई, जिससे ठगी की राशि को तत्काल रोकने एवं पीड़ित को राशि वापस दिलाने की संभावना बढ़ाई जा सके।
जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं बैंकिंग संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से साइबर अपराध की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं पीड़ितों को राहत प्रदान करने की दिशा में इस प्रशिक्षण कार्यशाला को महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त गौरव मंडल सर उपस्थित थे


