रोशनी की नई किरण
बस्तर में अंधत्व निवारण अभियान को मिली बड़ी गति
720 मोतियाबिंद मरीजों के जीवन में लौटा उजला सबेरा
जगदलपुर : जिले के सुदूर अंचलों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की कड़ी में बस्तर स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन तथा सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता निर्मल और एनएचएम जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रीना लक्ष्मी के नेतृत्व में जिले में अंधत्व निवारण कार्यक्रम को नई दिशा मिल रही है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान नेत्र विभाग ने त्वरित कार्ययोजना के तहत अब तक 720 मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें दृष्टि दोष से पूरी तरह मुक्ति दिलाई है। बुजुर्गों के साथ-साथ स्कूली बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए विशेष नेत्र परीक्षण अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों की आंखों की जांच कर जरूरत के मुताबिक चश्मे वितरित करने के लिए सूची तैयार की जा रही है, ताकि नजर की कमजोरी बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बने।
सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के उद्देश्य से हाल ही में मुस्लिम इस्लामिक कमेटी परिसर में जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से विशेष जांच शिविर लगाया गया। इसमें सामान्य बीमारियों के साथ-साथ नेत्र रोग विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों की आंखों की जांच की और उन्हें आवश्यक दवाइयों के साथ सही देखभाल के तरीके सुझाए।
इसके समानांतर, शासन के निर्देश पर 25 अगस्त से 8 सितंबर तक जिलेभर में सघन ‘नेत्रदान पखवाड़ा’ चलाया जा रहा है। इस दौरान गांवों, कस्बों और स्कूलों में संवाद स्थापित कर आम जनता व युवा पीढ़ी को नेत्रदान के महत्व से जोड़ा गया। जागरूकता के इस क्रम को और प्रभावी बनाते हुए 7 सितंबर को बस्तर में एक व्यापक जन-अभियान आयोजित किया गया, जिसमें नागरिकों को मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य टीम ने जनता से अपील की है कि वे इस मानवीय पहल का हिस्सा बनें और दृष्टिहीनों के जीवन में प्रकाश लाने में अपना अमूल्य योगदान दें।


